नई दिल्ली: गुजरात में 64 वर्षों के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का अधिवेशन 8 और 9 अप्रैल को होने वाला है. इसको लेकर राज्य के कांग्रेस कार्यकर्ता उत्साहित हैं. लेकिन हाईकमान राज्य की कठिन राजनीतिक परिस्थिति से वाकिफ है. इसलिए अधिवेशन से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 7 और 8 मार्च को गुजरात कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारी की समीक्षा करेंगे. जहां वह राज्य इकाई से 2027 में विधानसभा चुनावों से पहले आपसी मतभेद दूर करने का आग्रह कर सकते हैं.कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोशः दो दिवसीय समीक्षा के दौरान, कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पिछले साल राज्य टीम द्वारा शुरू किए गए आउटरीच कार्यक्रमों पर प्रतिक्रिया प्राप्त कर सकते हैं.
उम्मीद की जा रही है कि वे कार्यकर्ताओं को भाजपा से न डरने और सामाजिक न्याय के अपने संदेश को फैलाते रहने के लिए प्रेरित करेंगे. कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य जगदीश ठाकोर ने ईटीवी भारत से कहा, “राहुल गांधी का 7 और 8 मार्च को गांधी और सामाजिक न्याय की भूमि पर स्वागत है.”गुजरात में बीजेपी को चुनौती देने की तैयारीः गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता अमित चावड़ा ने ईटीवी भारत से कहा, “एआईसीसी सत्र से हफ्तों पहले हमारे नेता का दौरा उनके लिए गुजरात के महत्व को दर्शाता है.
वह 2027 में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारी के लिए राज्य में संगठनात्मक ताकत पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.” कांग्रेस 2017 के विधानसभा चुनावों में भगवा पार्टी को कड़ी चुनौती देने में सक्षम रही थी. राहुल गांधी के आक्रामक अभियान के बाद पार्टी ने 182 में से 77 सीटें जीती थीं.अंदरूनी कलह से पार्टी परेशानः हालांकि, जल्द ही अंदरूनी कलह के कारण पार्टी में गिरावट शुरू हो गई. 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सिर्फ 17 सीटों पर आ गई और पहली बार चुनाव लड़ रही आम आदमी पार्टी से 13 प्रतिशत वोट शेयर खो दिया. इसके बाद कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से लड़ने के लिए आप से हाथ मिलाया, लेकिन नतीजा वही रहा. कांग्रेस 24 सीटों में से केवल एक सीट बनासकांठा जीत सकी, जबकि आप गठबंधन में जिन दोनों सीटों पर चुनाव लड़ी थी, वे दोनों हार गईं.पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेवारीः इसके बाद कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल को राज्य इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया. वरिष्ठ नेता अमित चावड़ा को कांग्रेस पार्टी का नेता नियुक्त किया.
दोनों से पार्टी को फिर से संगठित करने को कहा गया. कांग्रेस नेता ने राजकोट और मोरबी में विभिन्न त्रासदियों के पीड़ितों के परिवारों से बातचीत करने के लिए राज्य का दौरा भी किया और राज्य इकाई से मुआवज़े की उनकी मांग को उठाने को कहा.सरकार को घेरने की तैयारीः गोहिल एक अनुभवी रणनीतिकार हैं और जानते हैं कि बीजेपी से मुकाबला कैसे किया जाए. चावड़ा ‘जन मंच’ नामक एक गांव स्तरीय आउटरीच अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं, जहां मतदाता आते हैं और अपनी शिकायतें साझा करते हैं. चावड़ा ने कहा, “राहुल गांधी चाहते हैं कि संगठन मजबूत हो. वह लोगों को भरोसा दिलाना चाहते हैं कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और कार्यकर्ताओं से कहेंगे कि वे सत्ताधारी पार्टी की मनमानी से लड़ें













