महाराष्ट्र :– सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,69,467 करोड़ रुपए के कुल व्यय वाला बजट पेश किया है। इस बजट में एक तरफ आम आदमी को स्वास्थ्य सेवाओं में राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
महाराष्ट्र की राजस्व और वित्तीय स्थिति
राज्य की महायुति सरकार ने इस बार 6,16,099 करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति का अनुमान लगाया है, जबकि राजस्व खर्च 6,56,651 करोड़ रुपए रहने की संभावना है। हालांकि 40,552 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा दर्ज किया गया है, लेकिन यह राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) के 1% से भी कम है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि राजकोषीय घाटे को 1,50,491 करोड़ रुपए (GSDP का 3% से कम) पर सीमित रखने में सरकार सफल रही है।
क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
बजट में आम जनता को स्वास्थ्य के मोर्चे पर बड़ी राहत दी गई है, वहीं व्यसनों पर लगाम लगाने के लिए टैक्स बढ़ाया गया है। बजट में स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कैंसर और मधुमेह (Diabetes) के इलाज को सस्ता किया गया है।
वाहनों के स्क्रैपिंग पर बंपर छूट
प्रदूषण कम करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। यदि आप अपना पुराना BS-4 वाहन कबाड़ (Scrap) कर नया वाहन खरीदते हैं, तो मोटर वाहन कर में 16% की छूट मिलेगी। BS-3 या उससे पुराने वाहनों को बदलने पर यह छूट 30% तक होगी। हालांकि, पुराने वाहनों को चलाते रहने पर ‘पर्यावरण कर’ को दोगुना कर दिया गया है। दोपहिया वाहनों पर अब 2000 के बजाय 4000 रुपए और डीजल कारों पर 7000 रुपए तक का टैक्स देना होगा।
विकास और सामाजिक कल्याण
महाराष्ट्र सरकार ने बजट में जिला वार्षिक योजना के लिए 21,867 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं, जो पिछले साल से 1702 करोड़ रुपए अधिक है। अनुसूचित जाति और आदिवासी विकास के लिए कुल मिलाकर 44,800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि आरक्षित की गई है, जो समावेशी विकास की ओर इशारा करती है।













