भारत में हर वर्ष 7 नवंबर को National Cancer Awareness Day मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य जन-हित में कैंसर की रोकथाम, समय पर पता लगाना एवं इलाज तक पहुँच सुनिश्चित करना है। आज इस अवसर पर देश भर में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियानों और परीक्षण-शिविरों का आयोजन हुआ है। कैंसर का बोझ भारत में लगातार बढ़ रहा है — वैश्विक स्वास्थ्य-स्रोतों के अनुसार हर साल लाखों नए मामले सामने आ रहे हैं। इस संदर्भ में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि समुदायों, परिवारों और व्यक्तियों को सक्रिय भूमिका अपनाने का प्रेरणा-मंच बनता है।आज आयोजित अभियानों में प्रमुख रूप से निम्न बिंदुओं पर ध्यान दिया गया है:सामान्य-लक्षणों (जैसे असमय वजन कम होना, रक्तस्राव, लगातार खाँसी, गांठ) के प्रति जागरूकता बढ़ाना, ताकि समय पर परीक्षण हो सके।परीक्षण-लाभ (जैसे स्तन कैनसर के लिए मैमोग्राफी, गर्भाशय-गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लिए पाप स्मीयर) को आम जनता तक पहुँचाना।कैंसर-उपचार के दौरान लड़ने वाले रोगियों तथा उनके परिवारों के लिए मानसिक-सहायता, सामाजिक-सहायता व पुनर्स्थापन-सहायता प्रदान करना।स्वास्थ्य-नीति-निर्माताओं व अस्पताल-प्रबंधन को आग्रह करना कि वो ग्रामीण व दूरदराज़ के इलाकों में कैंसर-स्क्रीनिंग-कैंप बढ़ाएँ और आनलाइन सलाह-सेवाओं को सक्रिय करें।स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि जागरूकता-दिन की भूमिका सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए बल्कि यह लगातार सक्रिय जीवन-शैली, धूम्रपान-त्याग, संतुलित पोषण, नियमित-व्यायाम तथा नियमित स्वास्थ्य-जांच की दिशा में प्रेरणा बनायी जानी चाहिए।













