छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आज सुबह एक आईईडी (Improvised Explosive Device) विस्फोट हुआ, जिसमें एक सीआरपीएफ जवान घायल हो गया। घटना उस समय हुई जब सुरक्षा बल क्षेत्र में एरिया डोमिनेशन पेट्रोलिंग पर निकले थे। यह इलाका लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, और सुरक्षा एजेंसियां वहां नियमित रूप से सर्च अभियान चलाती रहती हैं।सूत्रों के अनुसार, यह घटना चिंतागुफा थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई। सुरक्षा बलों की टीम जैसे ही एक घने वन क्षेत्र में पहुँची, जमीन में छिपे आईईडी में विस्फोट हो गया। विस्फोट में एक जवान को पैर और हाथ में चोटें आईं। साथी जवानों ने तुरंत उसे सुरक्षित स्थान पर ले जाकर हेलीकॉप्टर से रायपुर अस्पताल भेज दिया, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।घटना के बाद इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया गया है। सीआरपीएफ, जिला पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के जवान मिलकर नक्सलियों की तलाश में जुटे हैं। अधिकारियों ने बताया कि इस विस्फोट को अंजाम देने के पीछे पीपुल्स लिबरेशन ग्युरिल्ला आर्मी (PLGA) के नक्सलियों का हाथ होने की आशंका है।राज्य के गृह मंत्री ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकार ऐसे कायराना हमलों से डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित बनाया जाएगा।विश्लेषकों का मानना है कि सर्दियों के मौसम में नक्सली गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जाती है, क्योंकि घने जंगलों में ऑपरेशन चलाना सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण होता है। इसलिए राज्य पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर विशेष सुरक्षा योजना तैयार की है, ताकि भविष्य में ऐसे हमलों को रोका जा सके।













