गुजरात:- गुजरात सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। अब से गुजरात के स्कूलों में अगले सत्र से भगवद गीता पढ़ाई जाएगी। गीता जयंती के मौके पर राज्य के शिक्ष राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने इसका ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगले शैक्षणिक सत्र से कक्षा 6 से आठ के छात्रों को गीता पढ़ाई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इसे अमल किया जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य छात्रों को भारत की समृद्ध, विविध ज्ञान प्रणाली और प्राचीन संस्कृति से जोड़ना है।
राज्स के शिक्षा मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने कहा भगवद गीता पढ़ने से छात्रों को बहुत लाभ मिलेगा। उनका नजरिया बदलेगा। पानशेरिया ने कक्षा छह से लेकर आठवीं तक की पुस्तकों को भी लांच किया है। उन्होंने ब्रह्मांड से लेकर पर्यावरण के बारे में भगवान कृष्णा की बातों को शिक्षाओं को छात्र जान पाएंगे। पानशेरिया ने कक्षा से आठवीं तक की पुस्तकाें को लांच करते हुए कहा कि छोटी उम्र में मिलने वाली शिक्षा जीवन पर्यंत याद रहती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महात्मा जब छोटे थे तो उन्होंने एक राजा हरिशचंद्र का एक नाटक देखा था। इस नाटक का उनके जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। उन्होंने सत्य को अपनाया और उसे ही अपना हथियार बना लिया।
सामने आई शिक्षा मंत्री प्रतिक्रिया
गुजरात के शिक्षा मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया कहते हैं, ”सीएम भूपेन्द्र पटेल के मार्गदर्शन में, गुजरात सरकार ने 6वीं से 8वीं कक्षा के छात्रों को भगवद गीता पढ़ाने का फैसला किया है और पाठ्यक्रम तैयार किया गया है और आज लॉन्च किया गया है यह एक प्रयास है 6वीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थी गीता की शिक्षाओं से अवसर।




