नई दिल्ली:– खेतों में कड़ी मेहनत और बोझ ढोने के लिए पहचाने जाने वाले गधे अब आपकी किस्मत बदलने का जरिया बन सकते हैं। सुनने में यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन भारत सरकार अब गधा पालन को एक मुनाफे वाले बिजनेस के तौर पर देख रही है। नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के जरिए सरकार इस क्षेत्र में कदम रखने वाले उद्यमियों और किसानों को 50 लाख रुपये तक की भारी-भरकम आर्थिक मदद दे रही है।
यह सिर्फ एक सब्सिडी नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने और विलुप्त होती पशु नस्लों को बचाने की एक बड़ी योजना है। आधुनिक दौर में जहां तकनीक हावी है, वहां पशुपालन के इस पारंपरिक क्षेत्र को नए व्यावसायिक नजरिए से देखना एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।
किसे और कैसे मिलेगा यह फायदा?
भारत सरकार का मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय इस योजना को आगे बढ़ा रहा है। सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, गधों, घोड़ों और ऊंटों जैसे जानवरों के ब्रीडिंग फार्म स्थापित करने के लिए कुल प्रोजेक्ट लागत का 50 प्रतिशत तक का पूंजीगत अनुदान दिया जाता है।
यह अमाउंट अधिकतम 50 लाख रुपये तक हो सकता है, जो किसी भी स्टार्टअप के लिए एक बड़ी शुरुआती मदद होगी। खास बात यह है कि इस योजना का फायदा न केवल व्यक्ति विशेष उठा सकता है, बल्कि किसान उत्पादक संगठन (FPOs), स्वयं सहायता समूह और सहकारी समितियां भी इसके लिए अप्लाई कर सकती हैं।












