पूनम गुप्ता बनीं आरबीआई की नई डिप्टी गवर्नर.
पूनम गुप्ता की नियुक्ति 3 साल के लिए हुई.
गुप्ता एनसीएईआर की महानिदेशक और पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य हैं.
नई दिल्ली. रिजर्व बैंक को गवर्नर के बाद अब नया डिप्टी गवर्नर भी मिल गया है. सरकार ने जनवरी से खाली पड़े इस पद पर पूनम गुप्ता को नियुक्त किया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उन्हें 3 साल के लिए आरबीआई का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है. डिप्टी गवर्नर पद पर नियुक्त किए जाने से पहले पूनम गुप्ता ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है.
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने प्रतिष्ठित शोध संस्थान नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लॉयड इकनॉमिक रिसर्च (एनसीएईआर) की महानिदेशक पूनम गुप्ता को 3 साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है. पूर्व डिप्टी गवर्नर माइकल देबव्रत पात्रा के जनवरी में पद छोड़ने के बाद आरबीआई में यह पद खाली हो गया था. मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनके कार्यभार संभालने की तारीख से तीन साल के लिए मंजूरी दी है.
अभी उनके पास क्या जिम्मेदारी
वर्तमान में पूनम गुप्ता एनसीएईआर की महानिदेशक हैं. साथ ही वह प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य और 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की संयोजक भी हैं. इसके अलावा उन्होंने वाशिंगटन में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष और विश्व बैंक में लगभग दो दशक तक वरिष्ठ पदों पर काम भी किया है. साथ ही वह साल 2021 में एनसीएईआर में शामिल हुईं और तब से अपनी सेवाएं दे रही हैं.
दिल्ली से अमेरिका तक कई कॉलेज में पढ़ाया
पूनम गुप्ता ने दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स, यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड (अमेरिका) में पढ़ाया और आईएसआई (भारतीय सांख्यिकी संस्थान), दिल्ली में ‘विजिटिंग फैकल्टी’ के रूप में काम किया है. वह राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान (एनआईपीएफपी) में आरबीआई चेयर प्रोफेसर और आईसीआरआईईआर में प्रोफेसर भी रही हैं. इसका मतलब है कि उनके पास आर्थिक क्षेत्र में काम करने और पढ़ाने का लंबा अनुभव रहा है.
कहां से खुद की पढ़ाई
पूनम गुप्ता ने खुद भी दिल्ली से लेकर अमेरिका तक पढ़ाई की है. उनके पास अमेरिका के मैरीलैंड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नात्कोत्तर डिग्री और पीएचडी तथा दिल्ली विश्वविद्यालय के दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र पर पीएचडी के लिए 1998 में एक्जिम बैंक पुरस्कार भी जीता था. जाहिर है कि पूनम गुप्ता ने इकनॉमिक्स के क्षेत्र में काम करने का लंबा अनुभव लेने से पहले काफी पढ़ाई और रिसर्च भी किया है













