नई दिल्ली/अहमदाबाद : वक्फ संशोधन बिल संसद के दोनों सदनों में पारित हो गया है. इसी बीच कई राज्यों से विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं. गुजरात की राजधानी अहमदाबाद में मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया.
शुक्रवार शाम जुम्मे की नमाज के बाद शहर के लाल दरवाजा इलाके में सिदी सैयद अली मस्जिद में बड़ी संख्या में मुस्लिम संगठनों के लोग इकट्ठा हुए. हाथों में बैनर लेकर नारे लगाए और हाथ पर काली पट्टी बांधी. प्रदर्शनकारी बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे. विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस का काफिला मौके पर पहुंचा. पुलिस ने एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष समेत दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया और प्रदर्शनकारियों को बसों से थाने ले आई.
एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि मुसलमानों के साथ गलत व्यवहार किया गया है. यह अन्याय है. हम पूरे भारत और दुनिया में यह संदेश फैलाएंगे कि मुसलमानों के खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है.
ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है. उन्होंने प्रार्थना की है कि बिल पर राष्ट्रपति का हस्ताक्षर न हो.
गौरतलब है कि राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 बिल के समर्थन में 128 वोट पड़े, जबकि इसके विरोध में 95 वोट पड़े. अब इसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. मंजूरी मिल गई तो यह कानून बन जाएगा. वहीं, इससे पहले लोकसभा में लंबी बहस के बाद 288 सांसदों ने बिल के पक्ष में और 232 सांसदों ने इसके विरोध में वोट किया.
बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने हाल ही में लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि उनकी पार्टी डीएमके इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी और इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी. उन्होंने धार्मिक सद्भाव और मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए विधेयक की आलोचना की.













