महबूबनगर: तेलंगाना के नागरकुरनूल जिला अंतर्गत आने वाले डोमलपेंटा के पास श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (एसएलबीसी) सुरंग में छत गिरने की घटना को एक महीना हो गया है. ये हादसा 22 फरवरी को हुआ था. अब तक सुरंग के अंदर फंसे आठ कर्मियों में से केवल गुरप्रीत सिंह का शव ही बरामद किया गया है. देश की शीर्ष एजेंसियों की मदद से बचाव अभियान अभी भी जारी है, लेकिन शेष सात श्रमिकों का पता लगाने में कोई प्रगति नहीं हुई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि देश में इस तरह की सुरंग दुर्घटना दुर्लभ है.सुरंग के अंदर पानी रिस रहा हैछत ढहने की घटना सुरंग के अंदर 13.85 किलोमीटर के निशान पर हुई है. दुर्घटना के बाद से मिट्टी, चट्टानें, कीचड़, कंक्रीट के टुकड़े, पानी और टीबीएम (सुरंग बोरिंग मशीन) का मलबा 11वें किलोमीटर से 13.85 किलोमीटर के बीच सुरंग के हिस्से में भर गया है.
चुनौती को और बढ़ाते हुए प्रति मिनट 5,000 लीटर पानी सुरंग में रिसता रहता है. जिससे जमा हुई मिट्टी एक कठोर द्रव्यमान में बदल जाती है.मजदूर गुरप्रीत सिंह का मिला पार्थिव शरीरमिट्टी सख्त हो जाने और सुरंग की छत कमजोर होने के कारण बचाव कार्य अत्यधिक सावधानी से किया जा रहा है. सर्वश्रेष्ठ केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के लगभग 1,000 कर्मचारी तीन शिफ्टों में दिन-रात अथक परिश्रम कर रहे हैं. वहीं, मृतक गुरप्रीत सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पंजाब भेज दिया गया है, जहां उनकी पत्नी राजविंदर कौर को शव सौंप दिया गया है.













