* कोरबा/पकरिया नवापारा मे रामसिंह कंवर की अज्ञात ने धारदार हथियार से सिर पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया जिसकी अगले दिन अस्पताल मे मृत्यु हो गई थी। हमले की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत घटना स्थल पहुंच कर क्राइम सीन को सुरक्षित कर FSL टीम को बुलाकर घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। आस पास ही 3 अलग- अलग जगहों पर “राम सिंह के बेटे जगदीश का नाम, कलयुग के कल्कि, झूठ बोलना पाप है” आदि लिखा हुआ दिखाई दिया। फिर दो दिन बाद 26 फरवरी को सुबह घटना स्थल के सामने के घर की दीवार पर अगला टारगेट “मोनू, कलयुग के कल्कि,शराब बंद, पकरिया में 5 हत्या और होने वाली है, पुलिस को आरोपी की खोजबीन से दूर रहने” की धमकी लिखी हुई दिखाई दी क्षेत्र में सनसनी फैल गई पूरे गांव में दहशत का माहौल हो गया। इस पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का, साइबर प्रभारी रविन्द्र कुमार मीना एवं थाना प्रभारी युवराज तिवारी के नेतृत्व मे पुलिस ने पकरिया नवापारा गांव मे 24×7 लगातार कैंप किया। चूंकि दीवार पर मृतक के बेटे जगदीश का नाम लिखा था। तो पुलिस ने जगदीश को केंद्र मे रखकर प्रत्येक एंगल पर काम करना शुरू किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने साइबर प्रभारी रविन्द्र कुमार मीना एवं नगर पुलिस अधीक्षक भूषण एक्का के नेतृत्व मे 26 सदस्यीय टीम गठित कर हर दृष्टि से विवेचना प्रारम्भ कराई ।
जिसमे एक टीम जमीन संबधी विवाद पर, एक टीम अवैध संबंधो पर, एक टीम चुनावी रंजिश पर, एक टीम कलयुग के कल्कि, तथा एक टीम 4 मार्च को सुबह पुलिस को गांव स्थित शमशान घाट में एक तलवारनुमा हथियार के साथ एक पत्र मिला, जिस पर काम कर रही थी।मामले की बढ़ती गंभीरता को देखते हुए विवेचना को बारीकी से मॉनीटर करने के लिए स्वयं पुलिस अधीक्षक ने उरगा थाना मे कैंप किया। इस प्रकार हर दृष्टि से विवेचना करने पर पता चला कि मृतक के पुत्र जगदीश का गांव की ही एक महिला से अवैध सम्बन्ध था इसी ही महिला का आरोपी के साथ भी अवैध सम्बन्ध था। इस बात का पता जब आरोपी को चला तो उसने जगदीश को मारने की योजना बनाई। इसके लिए लगभग दो माह पूर्व उसने लोहे का एक धारदार तलवारनुमा हथियार बनाया।
जिस हथियार को लेकर वह घटना दिनांक को जगदीश को मारने के उद्देश्य से मृतक के घर आया। लेकिन जगदीश के नहीं मिलने पर उसने मंच पर सोए उसके पिता पर उस धारदार हथियार से सिर पर हमला किया। और दीवार पर जगदीश के लिए चेतावनी लिखी। फिर उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए कलयुग के कल्कि जैसी कहानी बनाई। फिर अखबार एवं अन्य समाचार माध्यम से पढ़ा कि रामसिंह की अस्पताल में मृत्यु हो गई है तो उसने पुलिस को और गुमराह करने के लिए एक दिन बाद मोनू की दीवार पर लिखा जिसमे मोनू को अपना अगला टारगेट बताया। शराब बंदी के बारे में लिखा, पकरिया मे 5 मौत और होने वाली है लिखकर पुलिस को गुमराह किया। पुनः जब उसको अखबार एवं अन्य समाचार माध्यम से ये पता चला कि पुलिस जगदीश से गहन पूछताछ कर रही है तो उसने फिर पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से 4 मार्च को रात में शमशान घाट मे तलवारनुमा हथियार के साथ एक लेटर छोड़ा ।
आरोपी विकास यादव ने मूल रूप से जगदीश कंवर की हत्या की योजना बनाई थी,लेकिन जगदीश के नही मिलने पर उसके पिता रामसिंह कंवर पर हमला कर दिया,जिससे उसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। घटना के बाद, आरोपी ने गाँव में “कल्कि अवतार” के नाम से दीवारों पर भ्रामक संदेश लिखकर दहशत फैलाने की कोशिश की, ताकि पुलिस गुमराह हो जाए और मामला रहस्यमयी बन सके। उरगा थाना में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। आरोपी विकास यादव साकिन ग्राम सिवनी चांपा को विधिवत् रूप से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।महत्वपूर्ण भूमिका इस जघन्य अपराध की विवेचना पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर के मार्गदर्शन तथा क्राइम एवं यातायात प्रभारी रविन्द्र कुमार मीना एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोरबा भूषण एक्का के नेतृत्व में गठित विशेष टीमों द्वारा की गई।
इस महत्वपूर्ण जाँच में निरीक्षक युवराज तिवारी थाना प्रभारी उरगा, उप निरीक्षक प्रेम चंद साहू थाना दीपका,उप निरीक्षक अजय सोनवानी (साइबर सेल), सउनि संतराम सिन्हा, सउनि परमेश्वर गुप्ता, सउनि अमर जायसवाल (पुलिस केंद्र मानिकपुर), सउनि राम पाण्डेय (थाना कटघोरा), सउनि दुर्गेश राठौर (थाना सिविल लाइन रामपुर), सउनि चक्रधर राठौर (थाना कोतवाली), सउनि अनिल खाण्डे (थाना बाकीमोंगरा), प्रधान आरक्षक गुना राम (साइबर सेल), प्रधान आरक्षक सचिन नवनीत (थाना उरगा), प्रधान आरक्षक राजेश कंवर (रक्षित केंद्र कोरबा), प्रधान आरक्षक लखन कुर्रे, प्रआर बसंत भैना, महिला प्र आर गीता तिर्की (थाना उरगा), प्रधान आरक्षक किशोर तिग्गा (थाना उरगा),आर आलोक टोप्पो (साइबर सेल), आर कौशल महिलांगे (थाना कोतवाली),आर चंद्रकांत गुप्ता (थाना कोतवाली),आर राम पाटले (थाना यातायात),आर प्रदीप राठौर (पुलिस केंद्र मानिकपुर), आर संजय रात्रे (पुलिस केंद्र मानिकपुर), आर अशोक चैहान (थाना दर्री),आर रितेश शर्मा (रक्षित केंद्र कोरबा),आर झंगल मंझवार (थाना उरगा),आर समार सिंह (थाना उरगा), आरक्षक विकास कौशले (थाना करतला), महिला आरक्षक सुर्या खुटे (थाना उरगा), महिला आर अनुराधा कंवर (थाना उरगा),आर सुनील गुप्ता (डॉग स्कॉड),आर उमेश मैशमा,आर समार साय पैकरा,आर रामकुमार पैकरा, आर नितेश तिवारी,आर प्रेमचंद साहू, आर नरेश तंदेल,आर महासिंह सिदार,वीरेंद्र अनंत,अजय यादव, पुष्पेंद्र खूंटे,रामेन्द्र बर्मन,यादराम बघेल,श्यामजी एक्का,ओम प्रकाश निराला,डेमन ओंग्रे, विरके’वर प्रताप सिंह, सुशील, प्रशांत, रवि चैबे, रेणु टोप्पो (साइबर सेल) ने सराहनीय योगदान दिया। आर0 नीरज डेनियल, देवराज कैवर्त, दिनेश कुमार मरावी, चंद्रसेन खूटें, रामचंद राजपूत ,वं एफएसएल टीम डाॅ- सत्यजीत सिंह कोसरिया, डाॅ- राजश्री सिंह, प्र-आर- हेमन्त चैहान।














