महाराष्ट्र:- महाराष्ट्र में ठंड बढ़ गयी है. विदर्भ में शीतलहर देखने को मिल रही है. दक्षिण भारत में पिछले कुछ हफ्तों से भारी बारिश हो रही है. पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से उत्तर भारत में ठंड बढ़ गई है. मैदानी इलाकों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण महाराष्ट्र के वातावरण पर भी असर पड़ रहा है. विदर्भ के सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है. क्रिसमस के बाद कुछ दिनों तक तापमान बढ़ने की संभावना है. इसके बाद तापमान में फिर से कमी आएगी.
जानें आपके शहर में कैसा रहेगा मौसम
परभणी जिले में पिछले 4 दिनों से शीतलहर चल रही है और जिला कड़ाके की ठंड से प्रभावित है.लगातार दूसरे दिन जिले का तापमान गिरकर 10.08 डिग्री पर आ जाने से सभी जगह भीषण ठंड का माहौल बन गया है. शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी अलाव जलने शुरू हो गये हैं. ठंड से बचाव के लिए नागरिक गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि ठंड रबी फसलों के लिए फायदेमंद है.
रबी सीजन की फसलों को फायदा
दिसंबर के दूसरे सप्ताह तक जिले में कड़ाके की ठंड नहीं पड़ी, इसलिए रबी सीजन की फसलें बड़े पैमाने पर प्रभावित होने की आशंका है. लेकिन पिछले एक सप्ताह में जिले में तापमान में गिरावट आयी है और ठंड का प्रकोप बढ़ गया है. पिछले तीन दिनों से तापमान में काफी गिरावट आई है और तापमान 15 डिग्री पर आ गया है. वातावरण में ओस रहने से रबी सीजन की फसलों को फायदा होगा और फसलों के लिए अनुकूल वातावरण बना है. लेकिन ठंड बढ़ने के कारण नागरिकों को ठंड से बचने के लिए आग का सहारा लेना पड़ रहा है।
नासिक में भी ठंड बढ़ी
पिछले दो दिनों से वातावरण में आए बदलाव के कारण नासिक जिले में ठंड का एहसास होने लगा है, नागरिकों ने अलाव का सहारा लेना शुरू कर दिया है. नासिक के ग्रामीण इलाकों में लोग इस ठंड से बचने के लिए गर्म-गर्म कपड़े पहनने लगे हैं. तो हर तरफ आग जलती नजर आती है. इसलिए, कुछ वरिष्ठ नागरिक ठंड के मौसम में बाहर जाने से भी बच रहे हैं. वातावरण में ओस बनने से कृषि फसलों के लिए अनुकूल माहौल बना है और बढ़ती ठंड का फायदा प्याज, गेहूं और चने जैसी फसलों पर देखने को मिल रहा है।











