नई दिल्ली:– फरवरी का महीना शुरू होते ही बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता को भी पढ़ाई की चिंता सताने लगती है। क्योंकि, स्कूलों में वार्षिक परीक्षा की शुरुआत होने लगती है। इस समय माता-पिता और विद्यार्थियों दोनों पर काफी मानसिक दबाव होता है।
ऐसे में तनाव होना स्वाभाविक है। परीक्षा के दिनों में जहां विद्यार्थियों से सबसे अच्छे अंक लाने की ज्यादा अपेक्षा की जाती है, वहीं माता-पिता को अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की चिंता सताती है।
ऐसे में बच्चों को रोजाना कुछ विशेष मंत्रों का जाप करवाना बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे न केवल बच्चों का पढ़ाई में मन लगेगा बल्कि उनकी एकाग्रता और स्मरण शक्ति भी बढ़ेगी।
पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने के लिए करें इन तीन मंत्रों का जाप
ॐ सरस्वत्यै नमः
विद्या और बुद्धि की देवी सरस्वती की कृपा पाने के लिए यह मंत्र अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। कहा जाता है कि इसका नियमित जाप करने से स्मरण शक्ति तेज होती है और पढ़ाई के प्रति लगाव बढ़ाता है।
पढ़ाई शुरू करने से पहले इस मंत्र का 11 बार जप करें। इससे मन अधिक स्थिर और ध्यान केंद्रित रहता है।
ॐ शुभम करोति कल्याणम्
यह मंत्र सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और मन के तनाव को कम करने में मदद करता है। यदि छात्र इसे प्रतिदिन 1 से 2 मिनट शांत मन से दोहराते हैं, तो पढ़ाई का वातावरण अधिक सौम्य और अनुकूल महसूस होता है।
यह अभ्यास विद्यार्थियों को मानसिक रूप से तैयार करता है ताकि वे पढ़ाई पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकें।
“सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने। विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते॥”
यह मंत्र ज्ञान, वाणी, बुद्धि और सीखने की क्षमता को बढ़ावा देने के लिए लाभकारी माना जाता है। इसे शांत मन से जपने पर मानसिक स्पष्टता बढ़ती है और भ्रम दूर होते हैं।
ॐ गं गणपतये नमः
गणेश जी का यह प्रसिद्ध मंत्र बाधाओं को दूर करने वाला माना जाता है। छात्र यदि सुबह या पढ़ाई शुरू करने से पहले इस मंत्र को 11 या 21 बार जपते हैं, तो मन शांत होता है। साथ ही नई शुरुआत के लिए ऊर्जा मिलती है यह पढ़ाई में आ रही मानसिक रुकावटों को कम करने में मदद करता है।













