रायपुर, 14 जनवरी 2026 — छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक कार्रवाई शुरू की है, जिसके तहत अब तक लगभग 30 हजार क्विंटल अवैध धान जब्त किया जा चुका है और 86 से अधिक वाहनों को भी पकड़ा गया है। इन कार्रवाईयों का लक्ष्य उन तहलकों और बिचौलियों पर नियंत्रण स्थापित करना है जो समर्थन मूल्य प्रणाली का दुरुपयोग कर धान को गलत तरीके से बेचने और किसानों का नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं। कृषि विभाग और स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह कार्रवाई सरकार के निर्देश पर की जा रही है ताकि धान खरीदी प्रक्रिया किसानों के लिये पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सम्मानजनक बनी रहे। जानकारी के अनुसार, पकड़े गए धान में से अधिकांश वह मात्रा है जो सरकारी खरीद केंद्रों के टोकन सिस्टम को बायपास करके बेची जा रही थी। प्रशासन ने कहा कि धान की इन अवैध खेपों का उद्देश्य अक्सर काले बाजार में अधिक दाम पर बिक्री करना और सरकारी समर्थन मूल्य का दुरुपयोग करना होता है। इसके कारण कई बार वास्तविक किसानों को भुगतान में देरी या नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और तनाव दोनों बढ़ते हैं। इसलिए राज्य सरकार ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ाई है और नियमित जांच-परख के माध्यम से गलत गतिविधियों को रोकने की दिशा में कदम उठाए हैं। कार्रवाई पर कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी निगरानी से धान खरीदी प्रणाली की विश्वसनीयता और स्थिरता दोनों ही बढ़ेंगे। जब किसान यह जानेंगे कि उनके द्वारा बेचे गए धान को सही तरीके से खरीदा जा रहा है और सिस्टम में किसी प्रकार की धांधली नहीं हो रही है, तो उनका सरकारी खरीद व्यवस्था पर विश्वास और भी मजबूत होगा। साथ ही इस कदम से उन तत्वों को भी संदेश जाएगा जो बिचौलियों और दलालों के साथ मिलकर धान सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे हैं कि प्रशासन सतर्क और सक्रिय है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि आगे भी जांच जारी रहेगी और क्षेत्र-स्तर पर विशेष टीमें किसानों तथा प्रशासन के बीच संवाद को सुदृढ़ करेंगी ताकि किसी भी समस्या या शिकायत का त्वरित समाधान किया जा सके। ग्रामीण इलाकों के किसानों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है और कहा है कि इससे सरकारी सिस्टम में भरोसा बढ़ेगा और खरीदी के वास्तविक लाभ सीधे उन्हें मिलेगा।













