नई दिल्ली:– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इजरायल यात्रा का आगाज किसी भव्य कूटनीतिक उत्सव जैसा रहा। बुधवार को जब पीएम मोदी तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उतरे, तो प्रोटोकॉल तोड़कर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने स्वयं उनकी अगवानी की। एयरपोर्ट पर दोनों देशों के राष्ट्रगान की गूंज और गर्मजोशी से भरी मुलाकातों ने साफ कर दिया कि भारत-इजरायल के संबंध अब केवल कागजी नहीं, बल्कि ‘इमोशनल बॉन्डिंग’ के स्तर पर पहुंच चुके हैं।
इस यात्रा की सबसे अनूठी तस्वीर इजरायली अखबार ‘द जेरूसलम पोस्ट’ के फ्रंट पेज पर दिखी, जिसने प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में हिंदी में ‘नमस्ते’ और हिब्रू में ‘शालोम’ लिखकर एक ऐतिहासिक संदेश दिया। शालोम का अर्थ शांति भी होता है, जो आज के तनावपूर्ण वैश्विक माहौल में भारत की भूमिका को रेखांकित करता है। दिलचस्प बात यह रही कि मुलाकात के दौरान नेतन्याहू ने चुटकी लेते हुए कहा कि पीएम मोदी और उनकी पत्नी सारा के पहनावे का रंग (नीला शेड) एक जैसा है, जो दोनों नेताओं के बीच के सहज तालमेल को दर्शाता है।
ऐतिहासिक संबोधन और रक्षा की नई इबारत
9 साल के लंबे इंतजार के बाद इजरायल पहुंचे पीएम मोदी आज वहां की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करेंगे। वह यह गौरव हासिल करने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे। इसके अलावा, उनकी चर्चाओं के केंद्र में अरबों डॉलर की ‘डिफेंस डील’ रहने वाली है। माना जा रहा है कि भारत इजरायल से अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक और एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को लेकर ठोस कदम उठा सकता है, जो चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर भारत की चौकसी को अभेद्य बना देगा।
मोदी ने सोशल मीडिया पर जाहिर की खुशी
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा कि वह नेतन्याहू दंपति के स्वागत से गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। यह यात्रा न केवल टेक्नोलॉजी और हथियारों के लेनदेन की है, बल्कि भारतीय समुदाय से मिलने और सांस्कृतिक सेतु बनाने की भी है।













