हैदराबाद: साल 2025 का पहला चंद्र ग्रहण 14 मार्च, शुक्रवार को घटित होने जा रहा है. भारतीय समयानुसार यह चंद्र ग्रहण सुबह 9 बजकर 27 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक चलेगा. ग्रहण की समाप्ति होली के दिन दोपहर 3:30 बजे होगी.भारत में दृश्यता: हालांकि, यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. ज्योतिषाचार्य डॉ. उमाशंकर मिश्र के अनुसार, ग्रहण के समय भारत में सुबह होगी, जिसके कारण यह खगोलीय घटना यहां दृष्टिगोचर नहीं होगी.
कहां दिखेगा यह चंद्र ग्रहण: यह चंद्र ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, पश्चिमी अफ्रीका, यूरोप, प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, आर्कटिक महासागर, उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका जैसे क्षेत्रों में दिखाई देगा.क्या होलिका दहन पर लगेगा सूतक काल? अक्सर, ग्रहण लगने से 9 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूतक काल एक अशुभ समय माना जाता है, जिसमें कई कामों को करने की मनाही होती है. इस वर्ष, होली के दिन सुबह चंद्र ग्रहण लगने के कारण कई लोगों में इस बात को लेकर उलझन है कि क्या सूतक काल होलिका दहन की रात से ही शुरू हो जाएगा.
सूतक काल का प्रभाव: हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि जहां चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल मान्य नहीं होता है. इसलिए, होली के दिन लगने वाले इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल होलिका दहन पर भी प्रभावी नहीं होगा. इसका अर्थ है कि होलिका दहन सामान्य रूप से शुभ मुहूर्त में किया जा सकेगा.14 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा और इसका सूतक काल होलिका दहन को प्रभावित नहीं करेगा. लोग बिना किसी चिंता के होलिका दहन और होली का त्योहार मना सकते हैं.













