नई दिल्ली:– मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े हालात के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमत बढ़ने की आशंका को लेकर चल रही चर्चाओं पर सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल की कीमत बढ़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि भारत के पास पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है और कच्चे तेल की कीमत जब तक 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर नहीं जाती तब तक दाम बढ़ाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सूत्रों ने बताया कि भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर के रास्तों से भी कच्चे तेल की सोर्सिंग तेज कर दी है, जिससे सप्लाई पर किसी तरह का संकट नहीं आएगा। देश के किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी की स्थिति नहीं है और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) का भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। सरकार का कहना है कि भारत खुद ATF का प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर है, इसलिए इसे लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
सरकारी सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) के साथ मिलकर रणनीतिक तेल भंडार जारी करने की फिलहाल कोई योजना नहीं है और भारत की रणनीति “इंडिया फर्स्ट” पर आधारित है। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का घरेलू महंगाई पर अल्पकालिक प्रभाव पड़ने की संभावना कम है, क्योंकि पिछले एक साल से कच्चे तेल की कीमतें अपेक्षाकृत नीचे रही हैं और देश में महंगाई भी नियंत्रित रही है।
LPG को लेकर भी सरकार ने कदम उठाए हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए LPG सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है। रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और कमर्शियल कनेक्शन के बजाय घरेलू LPG उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार अल्जीरिया, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और नॉर्वे जैसे कई देशों ने भारत को LPG बेचने के लिए संपर्क किया है, जिससे सप्लाई की स्थिति और मजबूत होगी।
LNG को लेकर भी सरकार ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए कीमत बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। जरूरत पड़ने पर इंडस्ट्रियल इस्तेमाल वाले LNG को घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत के लिए डायवर्ट किया जाएगा ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो। सूत्रों का कहना है कि भारत कई देशों के मुकाबले बेहतर स्थिति में है। उदाहरण के तौर पर पाकिस्तान में हाल ही में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जहां पेट्रोल 335.86 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल 321.17 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
सरकारी आकलन के मुताबिक आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की उम्मीद है और इसके 120-140 डॉलर से ऊपर जाने की संभावना कम है। हालांकि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत करीब 117 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी, लेकिन सरकार का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त विकल्प और भंडार हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं पर इसका बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।













