नई दिल्ली: इस साल जनवरी में केंद्र सरकार ने बहुप्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी, जो अगले साल की शुरुआत में सरकार को अपनी सिफारिशें सौंप सकता है. वहीं, अब मोदी सरकार अगले महीने आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों के नाम की घोषणा कर सकती है.8वें केंद्रीय वेतन आयोग (CPC) के गठन की प्रक्रिया गति पकड़ रही है और सभी हितधारक अब सदस्यों की नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. जब से सरकार ने वेतन पैनल के गठन की घोषणा की है, तब से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में संशोधन के लिए फिटमेंट फैक्टर को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं.हालांकि, यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि वेतन आयोग केवल वेतन बढ़ाने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकार के कर्मचारियों को दिए जाने वाले भत्ते और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा करता है.इस बीच विभिन्न मीडिया रिपोर्टों से पता चला है कि आयोग पुराने और अप्रासंगिक भत्तों को समाप्त कर सकता है.
वहीं , अगर आवश्यक हो तो नए भत्ते शामिल कर सकता है. इन रिपोर्टों में कहा गया है कि सातवें वेतन आयोग ने भी कई भत्ते हटा दिए थे.सातवें वेतन आयोग ने क्या बदलाव किए थे?सातवें वेतन आयोग ने 196 भत्तों की समीक्षा की, जिनमें से केवल 95 भत्तों को मंजूरी दी गई. सातवें वेतन आयोग ने 101 भत्तों को खारिज कर दिया था. इनमें से कुछ भत्तों को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया, कुछ को किसी अन्य भत्ते के साथ मिला दिया गया और कुछ को रिपोर्ट में शामिल ही नहीं किया गया.वेतन संशोधन के संबंध में, सातवें वेतन आयोग ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2.57 के फिटमेंट फैक्टर के साथ वेतन वृद्धि की सिफारिश की, जिससे न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये और अधिकतम वेतन 2,25,000 रुपये हो गया.8वें वेतन आयोग पर ताजा अपडेट8वें वेतन आयोग के फ्रेमवर्क की रूपरेखा अप्रैल 2025 से पहले तय की जा सकती है.
इसके साथ ही सरकार इस आयोग के चेयरमैन और अन्य सदस्यों के नाम भी फाइनल कर सकती है. एक बार गठित होने के बाद 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में करीब एक साल का समय लग सकता है.इस दौरान आयोग विभिन्न हितधारकों, खासकर केंद्रीय कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगा और उनकी मांगों को समझने के बाद सिफारिशें तैयार करेगा.अब देखना यह है कि 8वें वेतन आयोग से सरकारी कर्मचारियों को कितना बड़ा फायदा मिलता है और क्या नए भत्ते जोड़े जाते हैं!













