नई दिल्ली : विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए केवल अच्छे अंक ही नहीं बल्कि कार्य के प्रति अनुशासित होना भी जरूरी है। जीवन में अनुशासन होना बेहद जरूरी है, बिना इसके लक्ष्य तक पहुंचना असंभव होता है। यदि सभी कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से किया जाए, तो उसके सफल होने की संभावना बढ़ जाती है। हम सभी के जीवन में विद्यार्थी होने का समय बहुत कीमती होता है। यह उम्र बेहद ही खास होती है क्योंकि इस दौरान किए गए प्रयासों से एक अच्छे करियर का निर्माण होता है। इस दौरान की जाने वाली गलती भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए छात्र को अपने सही और गलत का ज्ञान हमेशा होना चाहिए। साथ ही अपने माता-पिता से जीवन जीने की सीख लेनी चाहिए, यह सलाह आपको आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं।
चाणक्य के अनुसार विद्यार्थियों को सफलता हासिल करने के लिए कुछ आदतों का त्याग करना होता है अन्यथा वह हमेशा पीछे रह जाते है या अपने मार्ग से भटक जाते है। आचार्य चाणक्य की गणना उस समय के महान शिक्षकों में की जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए ऐसे कई मंत्र बताए हैं, जो उन्हें आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन देते हैं। इनका पालन करने से छात्रों को शिक्षा के प्रति नई राह मिलती हैं। वहीं उनका मानना है कि कुछ बुरी आदतों के चलते विद्यार्थी दूसरों से पीछे रह जाता है। आइए इन आदतों के बारे में जान लेते हैं।
आलस से रहें दूर
चाणक्य के अनुसार छात्रों को किसी भी कार्य के प्रति आलस नहीं दिखाना चाहिए। आलस के चलते परिश्रमों में कमी आती है और आगे बढ़ने के अवसर पीछे रह जाते हैं। इस आदत के कारण विद्यार्थी धीरे-धीरे असफलता की ओर चला जाता है।
गुरु का अपमान कभी न करें
जीवन में केवल शिक्षक ही नहीं बल्कि माता-पिता भी आपके गुरू होते हैं। वह हमें जीवन जीने की सीख देते हैं। इसलिए कभी भी किसी गुरु का अपमान नहीं करना चाहिए। यदि आप बड़ों को अपमानित करते हैं, तो समाज से आपको कभी सम्मान नहीं मिलेगा।
क्रोध न करें
चाणक्य के अनुसार विद्यार्थी गलती करने से ही सीखता है। ऐसे में उसे कई बार असफलताओं का सामना भी करना पड़ता है। इस दौरान भूलकर भी क्रोध नहीं करना चाहिए। क्रोध से आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
लालच की आदत
छात्रों में किसी भी तरह का लालच नहीं होना चाहिए। लालच आपके कार्यों में बाधा पैदा कर सकता। चाणक्य के अनुसार लालच के चलते विद्यार्थी स्वयं को नुकसान पहुंचाता है।
मनोरंजन का करें त्याग
आचार्य चाणक्य के अनुसार एक छात्र को हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहना चाहिए। हर दिन उसे याद करते हुए कठिन प्रयास करना चाहिए। यदि आप लक्ष्य से भटक जाते हैं, तो जीवन में तरक्की करना मुश्किल होता है।













