रायपुर:- बीजापुर में तेलंगाना बॉर्डर पर कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर 21 दिनों तक सबसे बड़ा एंटी नक्सल ऑपरेशन चलाया गया। इस ऑपरेशन में अब तक 31 नक्सली मारे गए हैं। मारे गए नक्सलियों पर 1 करोड़ 72 लाख रुपयों का इनाम घोषित था। कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में चलाए गए एंटी नक्सल ऑपरेशन में नक्सलियों द्वारा बनाए गए छोटे-बड़े सैकड़ों BGL सेल, इंसास रायफल, SLR रायफल, मजल लोडिंग रायफल, पाइप बम, 315 बोर रायफल, सिंगल शॉट, 303 रायफल, डेटोनेटर, 12 बोर बंदूक, भरमार, बारूद, कोडेक्स तार, डेटोनेटर और बड़ी मात्रा में गोलियां बरामद की गई।
नेशनल पार्क में सात नक्सलियों को ढेर हुए, मारे गए नक्सली नेता की पहचान भास्कर राव उर्फ मैलारापु अडेलु और मंडुगुला भास्कर राव के रूप में हुई। भास्कर राव तेलंगाना के आदिलाबाद जिले के उरुमदला गांव का रहने वाला था। उस पर कुल 45 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इसमें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 25 लाख रुपये का इनाम रखा गया था, जबकि तेलंगाना सरकार ने 20 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। वह सीपीआई (माओवादी) संगठन की तेलंगाना राज्य समिति के मंचेरियल-कोमारंभीम (एमकेबी) डिवीजन का सेक्रेटरी था और स्पेशल जोनल कमेटी (एसजेडसी) का सदस्य था। बता दें कि, भास्कर की मौत से ठीक एक दिन पहले एक अन्य टॉप नक्सली लीडर सुधाकर (उर्फ गौतम) जो सीपीआई (माओवादी) का केंद्रीय समिति सदस्य था, उसी जंगल में मृत पाया गया था। उसके पास से एक एके-47 भी बरामद की गई थी।
21 मई को सुरक्षा बलों ने नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ इलाके में एक बड़े ऑपरेशन में केंद्रीय समिति पोलित ब्यूरो के मेंबर और सीपीआई (माओवादी) के महासचिव बसव राजू को ढेर कर दिया था। उसके साथ 26 अन्य नक्सली भी मारे गए थे। बसव राजू को ‘नक्सल आंदोलन की रीढ़’ माना जाना जाता था, जो संगठन में एक शीर्ष नेता था। वही सरेंडर करने वाला नक्सलियों में सरकार ने नक्सली सदस्य जुगलू और दशा पर 50-50 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले सभी नक्सली अपने-अपने क्षेत्र में नक्सली बंद सप्ताह के दौरान सड़क खोदना, पेड़ काटना, नक्सली बैनर, पोस्टर और पाम्प्लेट लगाने जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं।
6 जून को बीजापुर मुठभेड़ में एक और नक्सली का शव AK-47 हथियार के साथ बरामद हुआ है। मारा गया नक्सली तेलगु कैडर का बड़ा माओवादी है। उस पर 25 से 50 लाख रुपए तक का इनाम हो सकता है। एक दिन पहले भी मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली सीसी मेंबर सुधाकर मारा गया था। इससे पहले नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ में नक्सल संगठन के महासचिव बसवा राजू की मौत हुई थी। उस पर छत्तीसगढ़ में डेढ़ करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में मारा गया सुधाकर नक्सलियों के शिक्षा विभाग का इंचार्ज था। वह बीते तीन दशकों से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय था। बता दें कि छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद को खत्म करने की डेडलाइन मार्च 2026 तय की गई है।













