नई दिल्ली : उन्होंने कहा कि डीप टेक स्टार्टअप या टेक स्टार्टअप के लिए 1 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे जो कि या ब्याज मुक्त या फिर बहुत ही कम ब्याज दर पर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डीप टेक की मदद से रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर यह डीप टेक क्या है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अंतरिम बजट पेश कर दिया है। आयकर में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके अलावा इस बजट में टेक और ऑटो सेक्टर के लिए भी कोई बड़ा एलान नहीं हुआ है। वित्त मंत्री ने अपने भाषण में जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के नारे को आगे बढ़ाते हुए नया नारा जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का दिया।
उन्होंने कहा कि खेती और बिजनेस में तकनीक की काफी मदद मिल रही है और सरकार इसमें सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है। निर्मला सीतारमण ने डीप टेक स्टार्टअप के लिए खजाना खोलने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि डीप टेक स्टार्टअप या टेक स्टार्टअप के लिए 1 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे जो कि या ब्याज मुक्त या फिर बहुत ही कम ब्याज दर पर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डीप टेक की मदद से रक्षा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी। आइए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर यह डीप टेक क्या है?
वित्त मंत्री ने क्या कहा?
वित्त मंत्री ने कहा, हमारे तकनीकी प्रेमी युवाओं के लिए यह एक स्वर्णिम युग होगा। एक लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा डीप टेक स्टार्टअप को पचास वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा। यह कोष लंबी अवधि और कम या शून्य ब्याज दरों के साथ दीर्घकालिक वित्तपोषण या पुनर्वित्त प्रदान करेगा। इससे निजी क्षेत्र सनराइज डोमेन क्षेत्रों में अनुसंधान और इनोवेशन को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
हमें ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता है जो हमारे युवाओं और प्रौद्योगिकी की शक्तियों को संयोजित करें। रक्षा क्षेत्र में भी डीप टेक के लिए मदद की जाएगी।क्या है टेक्नोलॉजी?डीप टेक को आप बहुत ही आसान भाषा में गहन प्रौधिगिकी कह सकते हैं। डीप टेक के स्टार्टअप बहुत ही जटील टेक्नोलॉजी पर काम करते हैं। डीप टेक को एडवांस टेक्नोलॉजी भी कहा जाता है। डीप टेक में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन, रोबोटिक्स और जैव प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
डीप टेक में एक्सक्लूसिव इनोवेशन को शामिल किया जाता है। डीप टेक के अधिकतर स्टार्टअप मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर काम करते हैं। ब्लॉकचेन, वर्चुअल रियलिटी, आग्युमेंट रियलिटी, कंप्यूटर इमेजिंग आदि को डीप टेक में शामिल किया जा सकता है।
डीप टेक स्टार्टअप जिन मुख्य क्षेत्रों में काम कर रहे हैं उनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता , जीवन विज्ञान, कृषि, एयरोस्पेस, रसायन विज्ञान, उद्योग और स्वच्छ ऊर्जा शामिल हैं। फसलों की निगरानी में भी डीप टेक का ही इस्तेमाल होता है।
इसके अलाावा किसी लाइलाज बीमारी में किसी मरीज की देखभाल के लिए भी इसका इस्तेमाल होता है। एआई ड्रोन, एआई रोबोटो भी डीप टेक के ही उदाहरण हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब 3,000 से अधिक डीप टेक स्टार्टअप हैं।











