*मध्यप्रदेश:-* आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी है. खासकर उत्तर प्रदेश में सियासी पारा चरम पर है. इंडिया गठबंधन के सहयोगी दल समाजवादी पार्टी ने मंगलवार 20 फरवरी को उम्मीदवारों की तीसरी सूची भी जारी कर दी है. अभी कांग्रेस के साथ सपा का सीट बंटवारा को लेकर कोई फॉर्मूला तय नहीं हुआ है.सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी से भी प्रत्याशी के नाम का ऐलान कर दिया है. यहां से सपा ने सुरेंद्र सिंह पटेल को चुनावी मैदान में उतारने की घोषणा की है. समाजवादी पार्टी ने पांच सीटों की तीसरी सूची जारी की है, जिसमें वाराणसी संसदीय क्षेत्र भी शामिल है. बाकी चार सीटें बदायूं, कैराना, बरेली और हमीरपुर हैं.बात वाराणसी लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाए गए सुरेंद्र सिंह पटेल की करें तो वह करीब 4 दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय हैं. वह मूल रूप से वाराणसी के रोहनिया विधानसभा के राजातालाब के रहने वाले हैं। *चार दशक से सक्रिय राजनीति में हैं सुरेंद्र सिंह पटेल*चार दशक से अधिक समय से राजनीति में सक्रिय सुरेंद्र सिंह पटेल वाराणसी का राजातालाब रोहनिया विधानसभा के रहने वाले हैं. उनका मूल पेशा कृषि है. वह दो बार समाजवादी पार्टी की सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं. इतना ही नहीं सपा से पहले वो बहुजन समाज पार्टी की सरकार में भी स्वतंत्र प्रभार मंत्री रह चुके हैं. सामान्य व्यक्तित्व के चलते क्षेत्र में उनकी एक अलग पहचान भी बनी हुई है. उनका परिवार ‘ज्वाइंट फैमिली’ में रहता है. *सुरेंद्र पटेल को पिछले माह बनाया था लोकसभा चुनाव प्रभारी*समाजवादी पार्टी सुप्रीमो आखिलेश यादव की ओर से भले ही उनको वाराणसी संसदीय क्षेत्र से प्रत्याशी बनाने का ऐलान मंगलवार को किया हो, लेकिन पार्टी ने पिछले माह जनवरी में ही उनको प्रभारी की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी थी. वाराणसी से लोकसभा चुनाव के लिए प्रभारी नियुक्त होने के बाद सुरेंद्र सिंह पटेल ने अखिलेश यादव के प्रति आभार भी जताया था. वहीं, अब पार्टी चीफ अखिलेश ने पीएम मोदी के सामने चुनावी दंगल में उतारने के लिए बड़ा भरोसा जताया है. *सपा ने यूपी की 80 में से 31 सीटों पर उतारे प्रत्याशी*अहम बात यह है कि समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से 31 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को उतारने का काम कर चुकी है. हालांकि, अभी सीटों के बंटवारे पर कांग्रेस के साथ फाइनल बातचीत होना बाकी है.समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस को 17 सीटों का ऑफर दिया है, लेकिन मामला अभी दोनों के बीच फंसा है. वहीं, समाजवादी पार्टी ने अपनी पहली लिस्ट में बदायूं से धर्मेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया था, लेकिन तीसरी लिस्ट में बदलाव कर चाचा शिवपाल यादव को चुनावी मैदान में उतारा है।













