मध्यप्रदेश:- इस रिसर्च में उन्होंने पाया कि 5 लव लैंग्वेज के साथ-साथ कुछ और ‘छोटी-छोटी बातें’ भी जरूरी हैं। इन दोनों का सही कॉम्बिनेशन ही सफल रिश्ते का सबसे मान्य फॉर्मूला है।
अब आइए, इन 5 लव लैंग्वेज पर, उनकी अहमियत और उसे पूरा करने के तरीके को अलग-अलग समझ लेते हैं…
क्वालिटी टाइम है फर्स्ट लव लैंग्वेज, रिश्ते के लिए सबसे अहम
30 साल पहले दुनिया के जाने-माने मनोवैज्ञानिक और रिलेशनशिप काउंसिलर गैरी चैपमैन ने ‘लव-लैंग्वेज’ की खोज की थी। तब से लेकर आज तक लव-लैंग्वेज की संख्या और क्रम में कई फेरबदल हुए।
लेकिन ‘क्वालिटी टाइम’, यानी साथ में समय बिताना हमेशा सबसे जरूरी लव-लैंग्वेज बना रहा। दुनिया भर के मनोवैज्ञानिक और रिलेशनशिप कोच इस बात पर सहमत होते हैं कि साथ में बिताए गए यादगार लम्हे ही किसी भी रिश्ते की जान होते हैं।
पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम इंप्रूव करने के लिए अपनाएं ये उपाय..
साथ में हों तो फोन वगैरह जैसे डिस्ट्रैक्शन को दूर रखें।
आंखों में आंखें डालकर बातें करें, कभी-कभार यूं ही देखें
दिन की शुरुआत या फिर अंत साथ में करने की कोशिश करें
साथ में घूमने या कहीं जाने का एक निश्चित रूटीन बनाएं
प्यार भरे बोल से बनेगी बिगड़ी बातें, रिश्ते की होगी रिपेयरिंग
रिश्ते में मिठास बनी रहे, इसके लिए दूसरी सबसे जरूरी चीज है- प्यार भरे बोल। नॉर्मल बात कहनी हो या प्यार का इजहार करना हो या फिर कोई मुश्किल बात शेयर करनी हो, शब्दों में हमेशा एक मिठास घोलकर बातें करें, तो रिश्ता मजबूत बना रहेगा।
इन शब्दों को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाएं और ख्याल रखें कुछ बातें….
थैंक्यू
आई लव यू
तुम मेरे लिए स्पेशल हो
लाइफ में पार्टनर की अहमियत खुलकर बताएं
पार्टनर के साथ हमेशा उत्साह से बातें करें
रिश्ते में फिजिकल टच जरूरी, कडलिंग-कपलिंग का अपना महत्व
लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप नई बात नहीं है। दूर बैठे दिलों का करीब आना भी नया नहीं है। लेकिन रिश्ते में पूरी गर्माहट बनी रहे, इसके लिए पार्टनर्स का एक-दूसरे के करीब होना जरूरी है। अगर हमेशा करीब नहीं रह सकते हैं, तो भी एक निश्चित अंतराल पर मिलते रहना जरूरी है।
एमिली इंपेट बताती हैं कि जब पार्टनर एक-दूसरे के फिजिकल टच में आते हैं तो हैप्पी हॉर्मोन रिलीज होता है। पार्टनर्स को खुशी महसूस होती है। उनका दिमाग संकेत करता है कि पार्टनर की मौजूदगी अच्छी और खुशी देने वाली है। दोनों में प्यार स्वतः गहरा हो जाता है। ध्यान रहे कि फिजिकल टच का मतलब सिर्फ सेक्शुअल रिलेशन नहीं है।
रिश्ते में फिजिकल टच इंप्रूव करने के लिए इन टिप्स का सहारा ले सकते हैं…
गले लगना, हाथ मिलना, लिपट कर सोना, साथ बैठना भी रिश्ते के लिए अहम है।
बात करते हुए या कहीं घूमते कोशिश करें कि पार्टनर का हाथ अपने हाथों में थामें।
बेडरुम शेयर करना और कडलिंग करके सोना भी फिजिकल टच के लिए जरूरी है।
खुशी हो या गम, पार्टनर को गले से लगाएं।
कभी साथी के लिए दरवाजा खोलकर देखिए या बिना मांगे चाय पिलाइए
सदाबहार लव-लैंग्वेज के फॉर्मूले में चौथा पॉइंट है- पार्टनर की मदद। यहां मदद से मतलब उन छोटी-छोटी चीजों से है, जिसे आमतौर पर लोग नजरअंदाज करते हैं। लेकिन ये छोटी-छोटी बातें रिश्ते को बड़ा फायदा या नुकसान पहुंचा सकती हैं।
मसलन, कभी पार्टनर के लिए कार का दरवाजा खोलना, बिना कहे उसकी पसंद की चीजें बनाना, बाहर से आने पर चाय के लिए पूछना, उदास दिखने पर परेशानी साझा करने लिए कहना। ये सब ‘एक्ट ऑफ सर्विस हैं, जो किसी भी रिश्ते के लिए काफी अहम होती हैं।
तोहफा देना भी है जरूरी, इसके लिए किसी खास अवसर का इंतजार न करें
लव-लैंग्वेज के फॉर्मूले में 5वां और आखिरी पॉइंट है- गिफ्टिंग। पार्टनर को सरप्राइज तोहफे देना रिश्ते में एक्सीलेटर का काम करता है। जब रिश्ते में रुकवाट महसूस हो, एकरसता महसूस होने लगे तो गिफ्टिंग का सहारा लीजिए। रिश्ते में नएपन का एहसास भी होगा और पार्टनर के प्रति प्यार-भरोसा भी बढ़ेगा।
लव-लैंग्वेज के फॉर्मूले पर रिलेशनशिप कोच की राय…
रिलेशनशिप कोच डॉ. अंजलि बताती हैं कि रिश्ते को हेल्दी बनाने के तमाम टिप्स हो सकते हैं। हर स्थिति और हर रिश्ते के लिए एक ही फॉर्मूला काम करेगा, ऐसा दावा नहीं किया जा सकता है। निश्चित रूप से लव-लैंग्वेज रिश्ते के लिए अहम हैं। लेकिन इसके अलावा भी कई ऐसी बातें हैं, जिसका ख्याल रखना जरूरी है।
रिश्ते में जब-जैसी जरूरत हो, वैसी भूमिका निभाएं। सामान्य स्थिति में 5 लव-लैंग्वेज का इस्तेमाल रिश्ते में पॉजिटिव बदलाव ला सकता है।











