छत्तीसगढ़:– अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने प्रदेश की महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के लिए एक विशेष पहल की घोषणा की है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में 8 मार्च से 13 मार्च 2026 तक पूरे राज्य में ‘महा जनसुनवाई सप्ताह’ आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रदेश के सभी पांच संभागों में महिला उत्पीड़न और पारिवारिक विवादों से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई कर उनका निराकरण किया जाएगा।
33 जिलों के मामलों का होगा समाधान
इस अभियान के माध्यम से राज्य के सभी 33 जिलों से जुड़े मामलों को संभाग स्तर पर सुना जाएगा। महिला आयोग का उद्देश्य लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रही पीड़ित महिलाओं को शीघ्र राहत प्रदान करना है, ताकि उनके मामलों का जल्द समाधान हो सके।
आयोग का रिकॉर्ड रहा है प्रभावी
महिला आयोग पिछले कई वर्षों से लगातार जनसुनवाई के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं का समाधान करता आ रहा है। बीते करीब साढ़े पांच वर्षों में आयोग ने प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 370 से अधिक जनसुनवाई आयोजित की हैं और 8000 से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया है। इसी अनुभव के आधार पर इस बार पांचों संभागों में एक साथ सुनवाई आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
सुनवाई के लिए प्रशासनिक सहयोग
महा जनसुनवाई सप्ताह को सफल बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला संरक्षण अधिकारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सलाहकारों की टीम को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग भी आवश्यक व्यवस्था करेगा।
दो अलग-अलग पीठों में होगी सुनवाई
मामलों के प्रभावी निपटारे के लिए आयोग ने दो अलग-अलग न्यायपीठों का गठन किया है। मुख्य न्यायपीठ की अध्यक्षता डॉ. किरणमयी नायक और संबंधित संभाग की प्रभारी सदस्य करेंगी, जहां गंभीर मामलों पर सुनवाई कर निर्णय लिया जाएगा। वहीं दूसरी सहायक न्यायपीठ में आयोग की अन्य सदस्य मौजूद रहेंगी, जो काउंसलिंग और आपसी समझौते के जरिए पारिवारिक विवादों को सुलझाने का प्रयास करेंगी।
नए मामलों के लिए भी खुला रहेगा मंच
आयोग ने बताया है कि जिन आवेदनों को पहले से सूचीबद्ध किया गया है, उनसे जुड़े आवेदकों को सुबह 10 बजे सुनवाई स्थल पर उपस्थित रहना होगा। इसके साथ ही नई पीड़ित महिलाएं भी मौके पर आवेदन देकर अपनी समस्या आयोग के समक्ष रख सकती हैं।
संभागवार सुनवाई का कार्यक्रम
कार्यक्रम के तहत अलग-अलग तिथियों में विभिन्न संभागों में सुनवाई आयोजित की जाएगी।
9 मार्च: अंबिकापुर (सरगुजा संभाग) – 101 मामले
10 मार्च: बिलासपुर संभाग – 169 मामले
11 मार्च: दुर्ग संभाग – 113 मामले
12 मार्च: रायपुर संभाग – 292 मामले
13 मार्च: जगदलपुर (बस्तर संभाग) – 87 मामले












