नई दिल्ली : भारतीय किचन में हींग का इस्तेमाल बरसों से किया जाता रहा है. यह खाने के जायके को बढ़ाता है और डाइजेशन को भी अच्छा रखता है. यही वजह है कि इसका इस्तेमाल बरसों से पेट में गैस की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेद में किया जाता रहा है. क्या आप जानते हैं कि यह हमें कई बड़ी बीमारियों से बचाने का भी काम करता है? आइए जानते हैं विस्तार से.
हींग एक ऐसा मसाला है, जो स्ट्रॉन्ग फ्लेवर के लिए जाना जाता है. अगर आप प्याज, लहसुन के बिना किसी भोजन को बनाना चाहते हैं तो हींग का इस्तेमाल करें. यही नहीं, कई बार तो यह नॉनवेज के फ्लेवर को भी इन्हेंस करने का काम करता है और बिना मसालों के भी फूड को फ्लेवरफुल बनाने में मदद करता है.
हींग एक ऐसा मसाला है, जो स्ट्रॉन्ग फ्लेवर के लिए जाना जाता है. अगर आप प्याज, लहसुन के बिना किसी भोजन को बनाना चाहते हैं तो हींग का इस्तेमाल करें. यही नहीं, कई बार तो यह नॉनवेज के फ्लेवर को भी इन्हेंस करने का काम करता है और बिना मसालों के भी फूड को फ्लेवरफुल बनाने में मदद करता है.
हेल्थलाइन के मुताबिक, दरअसल, आयुर्वेदिक चिकित्सा में हींग का इस्तेमाल पाचन को सुधारने और गैस की समस्या को दूर करने के साथ साथ ब्रोंकाइटिस और गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए भी किया जाता रहा है. इसका इस्तेमाल पहले के जमाने में संक्रामक रोगों से बचने के लिए गले में ताबीज के रूप में भी किया जाता था. विज्ञान ने भी इसके कई गुणों को माना है.
हेल्थलाइन के मुताबिक, दरअसल, आयुर्वेदिक चिकित्सा में हींग का इस्तेमाल पाचन को सुधारने और गैस की समस्या को दूर करने के साथ साथ ब्रोंकाइटिस और गुर्दे की पथरी के इलाज के लिए भी किया जाता रहा है. इसका इस्तेमाल पहले के जमाने में संक्रामक रोगों से बचने के लिए गले में ताबीज के रूप में भी किया जाता था. विज्ञान ने भी इसके कई गुणों को माना है.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: हींग एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जिस वजह से यह फ्री-रेडिकल्स के नुकसान से बचाने में काफी मददगार हो सकता है. इस वजह से यह क्रॉनिक इंफ्लामेशन, हार्ट डिजीज, कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज से भी प्रोटेक्ट करने में मदद कर सकता है.
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर: हींग एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जिस वजह से यह फ्री-रेडिकल्स के नुकसान से बचाने में काफी मददगार हो सकता है. इस वजह से यह क्रॉनिक इंफ्लामेशन, हार्ट डिजीज, कैंसर, टाइप-2 डायबिटीज से भी प्रोटेक्ट करने में मदद कर सकता है.
पाचन के लिए अच्छा: शोध में पाया गया है कि हींग में कुछ ऐसे एंजाइम्स होते हैं, जो डाइजेशन को अच्छा करता है, लिवर को हेल्दी रखता है और पेट में गैस की समस्या को दूर रखकर पाचन अच्छा करता है. यह आइबीएस यानी इर्रिटेबल बाउल मूवमेंट की समस्या को भी दूर करता है.
पाचन के लिए अच्छा: शोध में पाया गया है कि हींग में कुछ ऐसे एंजाइम्स होते हैं, जो डाइजेशन को अच्छा करता है, लिवर को हेल्दी रखता है और पेट में गैस की समस्या को दूर रखकर पाचन अच्छा करता है. यह आइबीएस यानी इर्रिटेबल बाउल मूवमेंट की समस्या को भी दूर करता है.
ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल: यह भी पता चला कि अगर हींग का सेवन किया जाए तो यह ब्लड वेन्स को रिलैक्स करता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर तरीके से होता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है.
ब्लड प्रेशर करे कंट्रोल: यह भी पता चला कि अगर हींग का सेवन किया जाए तो यह ब्लड वेन्स को रिलैक्स करता है, जिससे ब्लड फ्लो बेहतर तरीके से होता है और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल किया जा सकता है.
इसके अलावा, हींग में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल गुण होता है और इसमें एंटी कैंसर गुण भी पाया गया है, जो कैंसर सेल को फैलने से कंट्रोल कर सकता है और खासतौर पर ब्रेस्ट लिवर को हेल्दी रख सकता है. यही नहीं, यह ब्रेन को हेल्दी रखने, शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने का भी काम आसानी से कर सकता है.
इसके अलावा, हींग में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल गुण होता है और इसमें एंटी कैंसर गुण भी पाया गया है, जो कैंसर सेल को फैलने से कंट्रोल कर सकता है और खासतौर पर ब्रेस्ट लिवर को हेल्दी रख सकता है. यही नहीं, यह ब्रेन को हेल्दी रखने, शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने का भी काम आसानी से कर सकता है.
हींग का अगर आप सही तरीके से इस्तेमाल करना नहीं जानते हैं तो बता दें कि आप इसे गर्म तेल में डीप फ्राई करें और इससे छौंक लगाएं. अगर आप इसे हल्दी और जीरा के साथ इस्तेमाल करेंगे तो इसकी खुशबू जायके के बढ़ाएगी और इससे अधिक फायदा भी मिलेगा.
हींग का अगर आप सही तरीके से इस्तेमाल करना नहीं जानते हैं तो बता दें कि आप इसे गर्म तेल में डीप फ्राई करें और इससे छौंक लगाएं. अगर आप इसे हल्दी और जीरा के साथ इस्तेमाल करेंगे तो इसकी खुशबू जायके के बढ़ाएगी और इससे अधिक फायदा भी मिलेगा।













