नई दिल्ली : क्या ब्रह्मांड में धरती के अलावा किसी और ग्रह पर जीवन है? वैज्ञानिक सालों से इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं, जिसमें उन्हें अभी तक सफलता नहीं मिली है। लेकिन अक्सर एलियंस को देखने के दावे किए जाते हैं। अब अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने एलियंस को खोजने के लिए बड़ी तैयारी की है। नासा एलियंस की दुनिया को खोजने के लिए एक दूरबीन बनाने की योजना पर काम कर रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने अत्याधुनिक स्पेस टेलीस्कॉप को ‘हैबिटेबल वर्ल्ड्स ऑब्जर्वेटरी’ नाम दिया है।
नासा की तरफ से इसके लिए जरूरी तकनीक बनाने की शुरुआत कर दी गई है। अगली पीढ़ी के ऑप्टिक्स, मिशन डिजाइन और टेलीस्कोप सुविधाओं पर शोध करने के लिए तीन कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं। इसकी लागत करीब 17.5 मिलियन डॉलर तय की गई है। साल 2024 में ही इस पर काम शुरू किए जाने की उम्मीद है। मौजूदा एक्सोप्लैनेट अनुसंधान के आधार पर वैज्ञानिक मानते हैं कि हर पांच में एक तारे के चारों तरफ कक्षा में पृथ्वी की तरह ग्रह हैं।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, हैबिटेबल वर्ल्ड्स ऑब्जर्वेटरी एक मिशन है, जिसके तहत एक बड़े अंतरिक्ष दूरबीन को लॉन्च किया जाएगा। इसका सूर्य जैसे सितारों के आसपास धरती जैसे ग्रहों की तस्वीरें लेना मुख्य उद्देश्य है। यह जीवन की खोज के रासायनिक संकेतों की तलाश के लिए ग्रहों के वातावरण पर शोध करेगा।
नासा का यह मिशन अपने शुरुआती चरण में है। ब्रह्मांड में जीवन की खोज का पूरा आधार कुछ हद तक हमारे जैसे जीवन पर निर्भर है। यह भी हो सकता है कि पूरी तरह से अलग रसायन विज्ञान पर जीवन आधारित हो, लेकिन अगर हमें यह खोजना है, तो हमें अपने जैसे जीवन की खोज करनी होगी। जीवन की उपस्थिति का संकेत देने वाले ऑक्सीजन और मीथेन जैसे रसायनों की मिशन की तलाश होगी।
जानिए कब शुरू होगा मिशन?
नासा की तरफ से इसी साल की शुरुआत में ही इस तरह के प्रस्तावों का अनुरोध किया गया था। यह प्रस्ताव एचडब्ल्यूओ के लिए आवश्यक जरूरी तकनीक को और आगे बढ़ाने का काम करेंगे।
नासा ने पहले चरण के बाद दो-वर्षीय निश्चित मूल्य अनुबंधों के लिए तीन प्रस्तावों का चयन किया है। इनकी कुल कीमत 17.5 मिलियन डॉलर है। 2024 की गर्मियों के अंत तक इस पर शुरू होने वाला है। इसके साथ अनुबंध से प्रौद्योगिकी का एक ढांचा मिलेगा जो एचडब्ल्यूओ विकास के अगले चरण का समर्थन करेगा।













