हेल्दी जीवन जीने के लिए अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना बहुत जरूरी है. अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्वस्थ हृदय बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि हाल के दिनों में दिल के दौरे से होने वाली मौतों की संख्या में नाटकीय रूप से वृद्धि हुई है. इसमें युवा लोग अधिक हैं. दिल का दौरा किसी को भी कभी भी पड़ सकता है. ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि सोमवार को लोगों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अन्य दिनों की तुलना में सोमवार को हृदय रोग का खतरा 13 फीसदी अधिक होता है. खास बात यह है कि सुबह के समय दिल का दौरा पड़ने की संभावना भी अधिक रहती है. इसे ब्लू मंडे भी कहा जाता है.दिल का दौरा सुबह के समय क्यों पड़ता हैवरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश गुदापति के अनुसार, हालांकि दिल का दौरा पड़ने का कोई विशेष समय नहीं है, लेकिन ज्यादातर लोगों को सुबह के समय दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि कई अध्ययनों से पता चला है कि ज्यादातर लोगों को दिल का दौरा सुबह 4 से 10 बजे के बीच पड़ता है
. ऐसा इसलिए है क्योंकि सुबह उठने के बाद हमारा शरीर दैनिक गतिविधियों के लिए तैयार होने हेतु तनाव पैदा करने वाले हार्मोन कॉर्टिसोल और कैटेकोलामाइन्स बड़ी मात्रा में छोड़ता है. इस दौरान हार्मोन के स्तर में वृद्धि के कारण रक्त के थक्के जमने और रक्त वाहिकाओं में रुकावट होने की संभावना अधिक होती है. वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश गुडापति ने समझाया. उन्होंने यह भी कहा कि पीए1 नामक प्रोटीन शरीर में रक्त के थक्कों को घुलने से रोकता है, जिससे दिल का दौरा भी पड़ सकता है.सोमवार को दिल के दौरे अधिक क्यों होते हैं?कई लोगों को सोमवार को दिल का दौरा पड़ता है, इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि शनिवार और रविवार को छुट्टी होती है, इसलिए हमारा मस्तिष्क आराम की अवस्था में होता है
. इस दिन हम देर से सोते भी हैं. क्योंकि कुछ लोग विकेड में देर रात तक फिल्में देखते हैं, जबकि अन्य लोग पार्टी करते हैं. इसके कारण वे रात को देर से सोते हैं और सुबह देर से उठते हैं. इससे सर्केडियन लय बदल जाती है. सोमवार का कार्यदिवस शुरू होने से पहले मस्तिष्क और शरीर शांत हो जाते हैं. सोमवार कार्य दिवस होता है. विशेषज्ञों ने बताया है कि काम के तनाव के कारण शरीर में अत्यधिक मात्रा में तनाव हार्मोन निकलता है, जिससे दिल का दौरा पड़ सकता है.इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें!डॉक्टरों के अनुसार, अगर आपको सुबह के समय दिल की धड़कन तेज होना, अत्यधिक पसीना आना, थकान, दर्द और अपच जैसे लक्षण महसूस हों तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें, भले ही वे आपको सामान्य लगें, लेकिन ये जानलेवा हो सकते हैं
. इसलिए, यदि आप उपरोक्त लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए.हार्ट अटैक की रोकथाम के तरीकेडॉक्टरों के अनुसार, लाइफस्टाइल और खान-पान की आदतों में बदलाव लाकर हृदय संबंधी अधिकांश समस्याओं को रोका जा सकता है. इसके लिए हर दिन कम से कम आधे घंटे और सप्ताह में कम से कम पांच दिन व्यायाम करना सबसे अच्छा है. डॉक्टरों का कहना है कि तेल का सेवन कम करना, फास्ट फूड की आदत से बचना तथा अधिक मात्रा में सब्जियां और फल खाना बेहतर है. यह भी कहा जाता है कि नियमित हृदय जांच से हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है.













