नई दिल्ली:– राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकभवन में वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गरियाबंद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधा रोपण एवं पर्यावरण संवर्धन, जैविक खेती, टी.बी उन्मूलन, सड़क सुरक्षा, नशा मुक्ति, विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। राज्यपाल ने कहा कि विकास कार्यों के बेहतर परिणाम के लिए अधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण करना चाहिए और योजनाओं की जमीनी स्थिति की जानकारी रखनी चाहिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से संपादित करने पर बल दिया। इस अवसर पर बैठक में कलेक्टर श्री बी. एस उइके, पुलिस अधिक्षक श्री वेदव्रत सिरमौर, उदंती-सीतानदी के उपनिदेशक श्री वरूण जैन, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रखर चंद्राकर सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल ने गोद ग्राम बिजली में जल संरक्षण को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए कहा कि जनभागीदारी के माध्यम से सभी शासकीय भवनों तथा प्रधानमंत्री आवासों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किया जाए। इसके लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने जिले में पुराने डबरियों, चेक डैमों एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण और मरम्मत को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही बड़े किसानों को खेतों में डबरी निर्माण के लिए प्रोत्साहित करने तथा छोटे एवं मध्यम किसानों को भी जल संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने रेत के अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने तथा वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित खनन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे नदियों की प्राकृतिक स्थिति में सुधार होगा और भूजल स्तर बढ़ाने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिले के सभी शासकीय कार्यालयों, अस्पतालों, संस्थानों एवं रिहायशी क्षेत्रों में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में जैविक एवं प्राकृतिक खेती की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने किसानों को प्राकृतिक खेती और हाइड्रोपोनिक्स खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा। उन्होंने प्राकृतिक खेती से उत्पादित वस्तुओं में वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और लोगों को रसायनमुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध होंगे।
उन्होंने धान के साथ-साथ उद्यानिकी एवं रबी फसलों को भी प्रोत्साहन देने पर बल दिया। राज्यपाल ने जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में पायलट प्रोजेक्ट संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों की जानकारी लेते हुए शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार पर बल दिया। उन्होंने मुक्तिधामों को सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त करने तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत नवाचारों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। वेस्ट मटेरियल के बेहतर उपयोग के लिए नवीन मॉडल विकसित करने पर भी जोर दिया।







