नई दिल्ली: जो लोगपब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करते हैं. उन्हें हर साल अप्रैल की शुरुआत में 1.5 लाख रुपये का पूरा निवेश एक से पांच अप्रैल के बीच करने की सलाह दी जाती है. दरअसल, निवेशकों को पीपीएफ अकाउंट में हर महीने एक से पांच तारीख के बीच जमा की गई राशि पर पर ही ब्याज मिलता है.
ऐसे में अगर आपने 5 अप्रैल तक पैसा जमा कर दिया तो आपको पूरे पैसे पर ब्याज मिलेगा. वहीं, अगर कोई शख्स 5 अप्रैल के बाद पैसा जमा करता है, तो उसे कम ब्याज मिलेगा. उदाहरण के लिए 1 अप्रैवल को आपको अकाउंट में 3.5 लाख रुपये जमा थे.
ऐसे में आपने 5 अप्रैल से पहले 1.5 लाख रुपये अपने पीपीएफ अकाउंट में और जमा कर दिए. इलस तरह आपका बैलेंस 5 लाख रुपये हो गया. अब अप्रैल महीने का ब्याज ऐसे निकलेगा.
5 अप्रैल को पैसा जमा करने पर कितना होगा नुकसान
अगर आपको 5 लाख रुपये पर 7.1 प्रतिशत दर से 12 महीने के लिए पांच लाख पर ब्याज मिलता है तो आपको 2,958 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा. वहीं, अगर आप 5 अप्रैल के बाद 1.5 लाख रुपये जमा करते हैं तो इस स्थिति में 1 से 8 अप्रैल तक बैलेंस 3.5 लाख और 9 अप्रैल से 30 अप्रैल तक बैलेंस 5 लाख रहेगा.
ऐसे में आपको 7.1 प्रतिशत दर से 12 महीने साढ़े तीन लाख रुपये पर ब्याज मिलेगा और यह राशि 2071 रुपये होगी. इस तरह पांच अप्रैल के बाद पैसा जमा करने पर आपको लगभग 887 रुपये का नुकसान होगा. बेशक यह अमाउंट ज्यादा बड़ी नहीं है, लेकिन लंबे पीरियड में यह धीरे-धीरे और बढ़ सकता है.
क्या एकमुश्त पैसा जमा करना जरूरी है?
अगर आपके पास पूरे 1.5 लाख रुपये हैं तो 1 से 5 अप्रैल के बीच जमा कर दें, ताकि आपको ज्यादा ब्याज मिले, लेकिन अगर किसी वजह से आप इस अमाउंट को पांच अप्रैल तक जमा नहीं सके हों, तो चिंता की बात नहीं है. आप जब चाहे इस पैसे को जमा कर सकते हैं.
अगर आप एकसाथ 1.5 लाख रुपये जमा नहीं कर सकते हैं, तो हर महीने 12,500 रुपये भी जमा कर सकते हैं.गौरतलब है 1 से 5 अप्रैल के बीच पीपीए में इंवेस्ट करना फायदेमंद होता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है.









