मध्यप्रदेश:– ट्रांसफॉर्म आंगनवाड़ी मिशन के तहत मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में 20-20 आंगनवाड़ियों को ”आदर्श आंगनवाड़ी” में परिवर्तित किया जाएगा। इसकी शुरुआत भोपाल से हो चुकी है, जहां आठ आंगनवाड़ियों को आदर्श बनाया जा चुका है तथा सौ और आंगनवाड़ियों को रूपांतरित करने का प्रस्ताव है। इसी प्रकार उज्जैन में सिंहस्थ से पहले एक हजार आंगनवाड़ियों को ”आदर्श” बनाया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में एक प्रोटोटाइप पहले से ही तैयार है। यह बदलाव व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट दानदाताओं और सीएसआर फंड के वित्तीय सहयोग से किया जाएगा।
जिला प्रशासन के सहयोग से इन परियोजना का संचालन होगा। प्रदेश में वर्तमान में कुल 97,303 आंगनवाड़ियां हैं, जिनके माध्यम से सरकार महिलाओं और बच्चों को एकीकृत बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) प्रदान करती है। एक आंगनवाड़ी को ”मॉडल” आंगनवाड़ी में बदलने में लगभग छह लाख रुपये का खर्च आता है। पायलेट प्रोजेक्ट के तहत उज्जैन में नवनिर्मित हेलीपैड के पास स्थित एक आंगनवाड़ी का कायाकल्प किया गया है, जिसका उद्घाटन 26 जनवरी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाना है।
जिले की 2,127 आंगनवाड़ियों में से एक हजार आंगनवाड़ियों के कायाकल्प का काम एक अप्रैल से शुरू होगा। पहले चरण में महाकाल मंदिर से पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाली आंगनवाड़ियों का कायाकल्प किया जाएगा। अगले चरणों में क्रमशः 10 किलोमीटर, 15 किलोमीटर और 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाली आंगनवाड़ियों का चयन किया जाएगा। राज्य सरकार के सहयोग और जन भागीदारी से प्रदेश में आंगनवाड़ियों को कायाकल्प करने के लिए ट्रांसफार्म आंगनवाड़ी मिशन चला रही संस्था नोवल सोशल फाउंडेशन के संस्थापक संजीव दुबे ने बताया कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अप्रैल-मई 2028 में सिंहस्थ के दौरान जब करोड़ों तीर्थयात्री उज्जैन आएं, तो उन्हें इन आंगनवाड़ियों को गोद लेने के लिए प्रेरित किया जा सके।
जरूरी सुविधाओं से लेस होंगी आंगनवाड़ियां
आदर्श आंगनवाड़ियां रंग-बिरंगी और आकर्षक होंगी, जिनमें बच्चों के स्वास्थ्य की निगरानी से लेकर उन्हें खेलने के लिए सुरक्षित स्थान और गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने तक सभी सुविधाएं होंगी। इनमें झूलों आदि से सुसज्जित एक खेल क्षेत्र और एक पोषण वाटिका होगी, जहां सब्जियां उगाई जाएंगी। इनमें एक अभिभावक क्षेत्र भी होगा, जहां क्यूआर कोड स्कैन करके अभिभावक मातृवंदना, शक्ति और वात्सल्य जैसी विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। एक स्वास्थ्य क्षेत्र में बच्चों की लंबाई और वजन मापने की सुविधा होगी। किशोरी कार्नर, खिलौनों का कॉर्नर और बच्चों के लिए एक पुस्तकालय भी आदर्श आंगनवाड़ियों का हिस्सा होंगे।













