नई दिल्ली:–साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण मंगलवार, 3 मार्च को फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा के दिन लगने जा रहा है. ग्रहण को लेकर भारतीय समाज में कई धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं प्रचलित हैं, खासकर गर्भवती महिलाओं को लेकर. प्राचीन समय में ग्रहण को रहस्यमयी और दुर्लभ खगोलीय घटना माना जाता था, जिसके चलते यह विश्वास बना कि इस दौरान ब्रह्मांडीय शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं और उनका प्रभाव धरती पर पड़ता है. इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती रही है. हालांकि ये परंपराएं सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित हैं, आधुनिक साइंस इन दावों की पुष्टि नहीं करता. चलिए आपको बताते हैं.
क्या ग्रहण की किरणें गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंचाती हैं?
एक ब्लॉग में बताया कि चंद्र ग्रहण से प्रेग्नेंसी में कोई नुकसान नहीं होता है, यह साइंटफिक तौर पर सिद्ध हो चुका है. वैज्ञानिक रूप से ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि चंद्र ग्रहण से किसी प्रकार का हानिकारक विकिरण निकलता है. यह केवल पृथ्वी की छाया का चंद्रमा पर पड़ना है. इससे गर्भ में पल रहे शिशु पर कोई जैविक असर नहीं पड़ता. रिसर्च में भी ग्रहण और गर्भपात या भ्रूण के विकास में किसी समस्या के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया है.
ग्रहण के दौरान क्या नहीं खाना चाहिए?
कुछ परंपराओं में ग्रहण के समय उपवास रखने की सलाह दी जाती है. लेकिन डॉक्टरों के अनुसार गर्भावस्था में नियमित और संतुलित भोजन जरूरी है. लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर कम हो सकता है, जिससे कमजोरी और डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है. महिलाओं को समय पर भोजन और पानी जरूर लेना चाहिए.
बाहर जाना हो सकता है खतरनाक?
सौर ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है. इससे आंखों या शरीर को कोई नुकसान नहीं होता.
नुकीली चीजों का इस्तेमाल नुकसानदेह है?
ग्रहण के दौरान चाकू, सुई या कैंची का उपयोग करने से बच्चे में जन्म दोष हो सकते हैं. जन्म दोष जेनेटिक या एनवायरमेंट कारणों से होते हैं, खगोलीय घटनाओं से नहीं.
गर्भावती महिलाओं को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट का मानना है कि गर्भावस्था में सबसे महत्वपूर्ण है संतुलित आहार, पर्याप्त आराम, तनाव से बचाव और नियमित जांच. यदि कोई महिला सांस्कृतिक परंपराओं का पालन करना चाहती है जैसे आराम करना, प्रार्थना करना या ग्रहण के बाद ताजा भोजन बनाना तो यह उसकी व्यक्तिगत पसंद है.













