नई दिल्ली:– तमिलनाडु चुनाव के लिए एआईएडीएमके ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। जिसमें पार्टी ने एक से बढ़ कर एक घोषणाओं का ऐलान किया है, इसमें नकद सहायता, मुफ्त बस यात्रा, गैस सिलेंडर और घरेलू सुविधाओं जैसे वादे शामिल हैं। एआईएडीएमके ने अपने घोषणापत्र के जरिए राज्य के मतदाताओं को साधने की कोशिश की है। इसमें कृषि और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया है।
एआईएडीएमके का कहना है कि उसने आम जनता और खासकर महिलाओं को केंद्र में रखकर अपना घोषणापत्र तैयार किया है। पार्टी का यह घोषणापत्र चुनाव में गेम चेंजर साबित हो सकता है।
महंगाई को ध्यान में रखते हुए बनाया घोषणापत्र
एआईएडीएमके का कहना है कि उनका मकसद जीत के बाद राज्य की जनता को महंगाई से राहत देने और घरेलू खर्च का बोझ कम करने पर है। पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी ने डीएमके सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि स्टालिन सरकार के कार्यकाल में ‘कमीशन और कलेक्शन’ का कल्चर बढ़ा है और भ्रष्टाचार व्यवस्था का हिस्सा बन गया है। उन्होंने दावा किया कि एआईएडीएमके सत्ता में आने पर पारदर्शी और जवाबदेह शासन देगी जहां भ्रष्टाचार पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचेगा।
एआईएडीएमके के घोषणापत्र में यह प्रमुख बातें
महिलाओं को हर महीने 2000 रुपये सहायता।
हर परिवार को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता।
राशन कार्ड वाली महिला मुखिया को मुफ्त फ्रिज।
हर साल तीन फ्री गैस सिलिंडर।
चावल के साथ 1 किलो दाल और 1 लीटर कुकिंग ऑयल मुफ्त।
कामकाजी महिलाओं को 25,000 रुपये सब्सिडी पर अम्मा स्कूटर।
बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाकर 2000 रुपये।
शहरों में पुरुषों को भी मुफ्त बस यात्रा।
बेघर परिवारों को अम्मा फ्री हाउस योजना के तहत पक्का घर।
युवाओं को बिजनेस शुरू करने के लिए 25 लाख रुपये तक लोन।
रोजगार में तमिलों को प्राथमिकता देने के लिए कानून।
बेरोजगार ग्रेजुएट्स को 2,000 रुपये मासिक भत्ता।
ग्रामीण रोजगार योजना को 150 दिन तक बढ़ाना।
10 साल से काम कर रही नर्सों को स्थायी करना।
शराब की दुकानों को धीरे-धीरे बंद करना।
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को एक ही फेज में होना है। इस बीच मुख्य मुकाबला एआईएडीएमके वाले गठबंधन और डीएमके वाले गठबंधन के बीच में है। जहां एक तरफ डीएमके एक बार फिर से सत्ता में आना चाहती है तो वहीं दूसरी तरफ एआईएडीएमके का मुख्य एजेंडा डीएमके को पराजित करना ही बताया जा रहा है। जिसकी वजह से ही पार्टी ने घोषणापत्र को जारी करते हुए डीएमके और एमके स्टालिन पर निशाना साधा।












