नई दिल्ली:– अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट में शामिल श्रम मंत्री लोरी चावेज-डिरेमर ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वह अब निजी क्षेत्र में अपने करियर पर ध्यान देंगी, लेकिन इस फैसले के पीछे की वजहें कहीं ज्यादा गंभीर बताई जा रही हैं।
गंभीर आरोपों ने बढ़ाई मुश्किलें
लोरी चावेज-डिरेमर पर अपने ही विभाग की महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार और पद के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके खिलाफ विभाग के भीतर असंतोष तेजी से बढ़ रहा था और कई कर्मचारियों ने उनके कामकाज के तरीके पर सवाल उठाए थे।
परिवार के सदस्यों पर भी आरोप
इस मामले को और गंभीर तब माना गया, जब जांच में यह सामने आया कि उनके पति और पिता पर भी महिला स्टाफ को आपत्तिजनक संदेश भेजने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि निजी बातचीत और दबाव बनाने जैसी घटनाओं ने विभाग का माहौल असुरक्षित बना दिया था। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि महिला कर्मचारियों को सरकारी दौरों के दौरान अनुचित निर्देश दिए गए, जिससे असहजता और तनाव का माहौल पैदा हुआ।
विभाग में असंतोष और कार्रवाई
विवाद बढ़ने के बाद लोरी चावेज की टीम के कई वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही हटाया जा चुका था। इनमें उनके चीफ ऑफ स्टाफ और सुरक्षा से जुड़े अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस घटनाक्रम के बाद विभाग के अंदर विरोध की स्थिति बन गई थी, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता चला गया।
कार्यवाहक मंत्री की नियुक्ति
लोरी चावेज-डिरेमर के इस्तीफे के बाद कीथ सोंडरलिंग को कार्यवाहक श्रम मंत्री नियुक्त किया गया है। हालांकि, स्थायी नियुक्ति को लेकर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
ट्रंप कैबिनेट में लगातार बदलाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में ट्रंप कैबिनेट में कई बदलाव देखने को मिले हैं। इससे प्रशासनिक स्थिरता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोरी चावेज-डिरेमर का इस्तीफा सिर्फ एक पद छोड़ने की घटना नहीं, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यस्थल की सुरक्षा से जुड़े बड़े सवाल भी खड़े करता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और ट्रंप सरकार इस खाली पद को किसके जरिए भरती है।













