मध्यप्रदेश :– राजधानी भोपाल में लगातार बढ़ती गर्मी और झुलसाने वाले तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने अहम निर्णय लिया है। कक्षा नर्सरी से लेकर 8वीं तक के सभी विद्यार्थियों के लिए 30 अप्रैल 2026 तक अवकाश घोषित कर दिया गया है। यह आदेश 25 अप्रैल को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया, जिसे कलेक्टर की मंजूरी भी प्राप्त है।
जारी आदेश के अनुसार, जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदानित, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को इस अवधि में स्कूल आने से छूट दी गई है। हालांकि, शिक्षकों और स्कूल स्टाफ को नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रशासनिक कार्य और आगामी शैक्षणिक तैयारियां प्रभावित न हों।
बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया फैसला
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पिछले कुछ दिनों में भोपाल सहित मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में लू और डिहाइड्रेशन का खतरा खासकर छोटे बच्चों के लिए ज्यादा बढ़ जाता है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है गर्मी
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसी को देखते हुए यह निर्णय एहतियात के तौर पर समय रहते लागू किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी सलाह दी है कि अत्यधिक गर्मी के दौरान बच्चों को घर के अंदर ही रखा जाए और पर्याप्त पानी पिलाया जाए। अभिभावकों ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। कई माता-पिता का कहना है कि भीषण गर्मी में बच्चों को स्कूल भेजना चिंता का विषय बन गया था, ऐसे में यह निर्णय राहत देने वाला है।
प्रशासन की अभिभावकों से अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को धूप में बाहर भेजने से बचें, हल्के कपड़े पहनाएं और समय-समय पर पानी व तरल पदार्थ देते रहें। यदि अत्यधिक जरूरत न हो तो दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से परहेज करें। संभावना जताई जा रही है कि यदि गर्मी का प्रकोप इसी तरह जारी रहा, तो अवकाश की अवधि को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकतानुसार आगे के निर्णय लिए जाएंगे।













