रीवा :–:शहर के सेमरा (या आसपास के ग्रामीण अंचलों) में बिजली की समस्या को लेकर प्रशासन की लापरवाही और जर्जर व्यवस्था के मामले लगातार सामने आ रहे हैं स्थानीय व्यक्ति गणेश प्रसाद मिश्रा और वहां के लोगों के अनुसार बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की मुख्य वजह पुरानी लाइनों और जर्जर खंभों को न बदला जाना है
लो वोल्टेज की समस्या से गाँव परेशान है कई बार ग्रामीण भी 1912 और 181 में कॉल कर चुके पर कोई समाधान नहीं हुआ
बिजली कटौती या “लाइट गोल” होने की समस्या में प्रशासन और बिजली विभाग की जवाबदेही एक प्रमुख मुद्दा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बिजली संकट के विभिन्न कारणों में प्रशासनिक और विभागीय लापरवाही है
प्रशासन की भूमिका : बिजली वितरण और आपूर्ति का प्रबंधन प्रशासन के अधीन होता है। सुचारू आपूर्ति न होना कहीं न कहीं प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
शिकायतों की अनदेखी :–ग्राम प्रधानों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि पावर हाउस और बिजली विभाग के अधिकारियों से शिकायत करने के बाद भी समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकल पा रहा है
रीवा में बिजली विभाग बकाया वसूली के लिए सख्त एक्शन ले रहा है, जिससे कई सरकारी दफ्तर भी अंधेरे में हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की बुनियादी व्यवस्था में सुधार की मांग अभी भी अनसुनी है।
ग्रामीणों की शिकायत है कि जब से गांव में बिजली लगी है, तब से पुराने और जर्जर तारों को बदला नहीं गया है। इन्हीं पुराने तारों के कारण लगातार फाल्ट होते रहते हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित होती है। उनका मानना है कि यदि इन पुराने तारों को बदल दिया जाए तो यह समस्या हल हो सकती है।













