रायपुर:- गुस्सा स्ट्रेस— भागदौड़ भरी जिंदगी रोजमर्रा के तनाव में लोगों का छोटी-छोटी बातों पर आपा खोना आम बात हो गई है। लेकिन क्या यह अचानक आने वाला गुस्सा किसी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है? चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, अत्यधिक भावनात्मक तनाव और तेज गुस्सा सीधे तौर पर नसों को नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन यह शरीर में ब्लड प्रेशर को अचानक बढ़ाकर ब्रेन एन्यूरिज्म (Brain Aneurysm) के फटने का खतरा कई गुना बढ़ा देता है।
गुस्सा आने पर दिमाग और शरीर में क्या बदलता है?
जब किसी व्यक्ति को अचानक तीव्र गुस्सा आता है या वह गहरे तनाव से गुजरता है, तो दिमाग का ‘अमिग्डाला’ (Amygdala) हिस्सा शरीर को आपातकालीन स्थिति का संकेत देता है। इसके तुरंत बाद दिमाग ‘फाइट या फ्लाइट’ (Fight or Flight) Mode एक्टिवेट कर देता है।
इस स्थिति में शरीर में कई तेजी से बदलाव होते हैं:
एड्रेनालिन और कोर्टिसोल का स्नाव: स्ट्रेस हॉर्मोन का लेवल अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर: दिल की धड़कन तेज हो जाती है और रक्तचाप (Blood Pressure) में अचानक उछाल आता है।
रक्त वाहिकाओं पर दबाव: बढ़ा हुआ बीपी दिमाग की धमनियों की दीवारों पर सीधा दबाव डालता है।
ब्रेन एन्यूरिज्म और नस फटने (Subarachnoid Hemorrhage) का कनेक्शन
ब्रेन एन्यूरिज्म दिमाग की खून की नस (धमनी) की दीवार में बना एक कमजोर, गुब्बारे जैसा उभार होता है। कई बार लोगों को जिंदगी भर यह पता नहीं चलता कि उनके दिमाग में एन्यूरिज्म है, क्योंकि यह बिना किसी लक्षण के मौजूद रह सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक, गुस्सा सीधे तौर पर एन्यूरिज्म पैदा नहीं करता। हालांकि, जिन लोगों की धमनियों में यह कमजोरी पहले से मौजूद होती है, उनका ब्लड प्रेशर अचानक गुस्से या भारी शारीरिक श्रम के कारण जैसे ही बढ़ता है, वह कमजोर नस गुब्बारे की तरह फूलकर फट सकती है। इसे डॉक्टरी भाषा में सबअरेक्नॉइड हैमरेज (Subarachnoid Hemorrhage) कहते हैं, जो एक बेहद गंभीर और जानलेवा स्थिति है।
गंभीर लक्षण: जिन्हें अनदेखा करना हो सकता है भारी
अगर दिमाग में एन्यूरिज्म फट जाए, तो शरीर तुरंत खतरे के संकेत देता है। ऐसे लक्षण दिखने पर एक मिनट की भी देरी किए बिना मरीज को नजदीकी आपातकालीन अस्पताल ले जाना चाहिए:
अचानक से होने वाला असहनीय, तेज सिरदर्द (जिसे मरीज अक्सर जिंदगी का सबसे खतरनाक दर्द बताते हैं)।
उल्टी होना या जी मिचलाना।
गर्दन में अकड़न (Stiff Neck)।
अचानक आंखों के सामने धुंधलापन आना या दो-दो दिखना।
बेहोशी, दौरे पड़ना या बोलने में अचानक लडखडाहट।
बचाव और नियंत्रण के उपाय
“एन्यूरिज्म के फटने का सबसे बड़ा तात्कालिक कारण अचानक ब्लड प्रेशर का बढ़ना है। अगर आप अपने बीपी को नियंत्रित रखते हैं, धूम्रपान से पूरी तरह परहेज करते हैं और गुस्से तथा तनाव को मैनेज करना सीखते हैं, तो इस जानलेवा जोखिम को काफी हद तक टाला जा सकता है।”
— न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ, सिटी अस्पताल
ब्रेन एन्यूरिज्म के जोखिम को कम करने के लिए डॉक्टरों की यह सलाह मानना बेहद जरूरी है:
ब्लड प्रेशर की नियमित जांच: अगर आपको हाई बीपी की समस्या है, तो दवाइयां समय पर लें।
स्मोकिंग से दूरी: धूम्रपान रक्त वाहिकाओं की दीवारों को कमजोर बनाता है, जिससे एन्यूरिज्म का खतरा बढ़ता है।
स्ट्रेस मैनेजमेंट: गुस्से को नियंत्रित करने के लिए योग, मेडिटेशन और गहरी सांस लेने के अभ्यासों को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।









