रायपुर:- साल 2023 का 11वां महीना नवंबर दो दिन बाद शुरू होने वाला है। यह महीना कई बड़े त्योहारों और व्रतों से भरा रहने वाला है। इस महीने करवा चौथ के अलावा धनतेरस, दीवाली, छठ पूजा और देवउठनी एकादशी जैसे प्रमुख त्योहार दस्तक देने को तैयार है।
त्योहारी माह होने के साथ-साथ कई फाइनेंशियल नियमों में एक नवंबर को बदलाव देखने को मिलेगा। इसका सीधा असर आमजन की जेब पर पड़ने वाला है। एक नवंबर से इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट पर लेनदेन शुल्क बढ़ाएगा। ई-चालान सहित कई नियमों में बदलाव होने जा रहे है।
सरकारी पेट्रोलियम कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमत में बदलाव करती है। पांच राज्यों के चुनाव को देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि नवंबर में घरेलू सिलेंडर के दामों में कटौती हो सकती है। इसके अलावा रेट अपडेट किया जा सकता है।
1 नवंबर से इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने सभी बीमा धारकों को केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है। इसका आपके क्लेम पर असर पड़ेगा। यदि आप नियम का पालन नहीं करते हैं तो आपका क्लेम रद्द कर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र के मुताबिक 100 करोड़ रुपए और उससे ज्यादा के कारोबार वाले बिजनेस को एक नवंबर से 30 दिनों के अंदर ई-चालान पोर्टल पर जीएसटी चालान अपलोड करना। अर्थारिटी ने यह निर्णय सितंबर में लिया था, जो एक नवंबर को लागू हो रहा है।
भारत सरकार ने 30 अक्टूबर तक एचएसएन 8741 कैटेगरी के तहत आने वाले लैपटॉप टैबलेट, पर्सनल कंप्यूटर और कई इलेक्ट्रॉनिक चीजों के इंपोर्ट पर छूट दी है। हालांकि एक नवंबर से क्या होगा इसके बारे में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने 20 अक्टूबर को कहा था कि नवंबर की पहली तारीख से इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट पर लेनदेन शुल्क बढाने जा रहे है। यह बदलाव एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स ऑप्शंस पर लगाए जाएंगे। लेनदेन की लागत बढ़ाने से इसका व्यापारियों पर असर पड़ेगा।











