ग्वालियर : ग्वालियर शहर में 36 ऑटो में सवार होकर पहुंचे, तो सभी हैरत में पड़ गए। दरअसल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, केन्या और इंग्लैंड के 108 एनआरआई इन दिनों भारत आए हुए हैं। यह एनआरआई भारत में रिक्शा रन यात्रा निकाल रहे हैं। रिक्शा रन यात्रा 12 दिसंबर को चित्रकूट से शुरू हुई है, जो शुक्रवार को ग्वालियर पहुंची।
शुक्रवार को शहर में एक कतार में 36 ऑटो चल रहे थे। इन ऑटो ने जैसे ही ग्वालियर शहर में प्रवेश किया तो सभी की निगाहें इन ऑटो पर जाकर थम गईं, क्योंकि इन ऑटो के अंदर विदेशी लोग बैठे हुए थे। 36 ऑटो के अंदर बैठे हुए 108 विदेशी लोग ग्वालियर क्यों पहुंचे, यह जानने के लिए लोग उत्सुक हो उठे।
ग्वालियर में एक के पीछे एक 36 ऑटो देख थम गया ट्रैफिक
जब लोगों को इस बात की जानकारी मिली कि एक विशेष उद्देश्य के तहत 108 एनआरआई ग्वालियर शहर में 36 ऑटो में सवार होकर पहुंचे हैं, तो सभी हैरत में पड़ गए। दरअसल अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, केन्या और इंग्लैंड के 108 एनआरआई इन दिनों भारत आए हुए हैं। यह एनआरआई भारत में रिक्शा रन यात्रा निकाल रहे हैं।
रिक्शा रन यात्रा 12 दिसंबर को चित्रकूट से शुरू हुई है, जो शुक्रवार को ग्वालियर पहुंची। यहां ग्वालियर में रिक्शा रन यात्रा में शामिल 108 एनआरआई का बाल भवन में स्वागत किया गया। रिक्शा रन में चल रहे एनआरआई भरत जीवन ने बताया कि वे एक विशेष उद्देश्य के लिए यह रिक्शा रन यात्रा निकाल रहे हैं। भरत जीवन ने बताया कि चित्रकूट में एक बड़ा डेंटल हॉस्पिटल का निर्माण करवाना है और इसके लिए धन संग्रह किया जाना है। धन संग्रह करने के उद्देश्य से ही उनके द्वारा रिक्शा रन यात्रा निकाली जा रही है।
भरत जीवन ने बताया की चारों देशों से आए हुए 108 एनआरआई सबसे पहले वाराणसी पहुंचे थे। यहां उन्होंने गंगा मैया की पूजा की और इसके बाद वे चित्रकूट पहुंचे। चित्रकूट पहुंचकर 36 ऑटो में 108 एनआरआई ने रिक्शा रन यात्रा शुरू की है। एक ऑटो के अंदर तीन एनआरआई सवारी कर रहे हैं। यह रिक्शा रन यात्रा 12 दिसंबर से शुरू हुई, जो 15 दिसंबर को ग्वालियर शहर में पहुंच गई। भरत जीवन ने बताया कि यह यात्रा ग्वालियर से निकलकर गुजरात की तरफ बढ़ेगी और 23 दिसंबर को गुजरात के भुज में जाकर इस यात्रा का समापन हो जाएगा। भरत जीवन ने बताया कि उन्हें लोगों का प्यार मिल रहा है और उनको उम्मीद है कि जिस उद्देश्य के लिए रिक्शा रन यात्रा निकाली गई है, वह उद्देश्य जरूर पूरा होगा।











