रायपुर, 23 दिसंबर 2025 — छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कौशल विकास और रोजगार योजनाओं को तेज करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर कौशल विकास विभाग और श्रम विभाग ने संयुक्त रूप से कई नए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षित करना और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर प्रदान करना है।सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 23 दिसंबर को राज्य के विभिन्न जिलों में कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की समीक्षा की गई और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के निर्देश दिए गए। आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हेल्थकेयर, निर्माण, ऑटोमोबाइल और सेवा क्षेत्र से जुड़े प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का कहना है कि प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके बाद युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्लेसमेंट सहायता भी दी जाएगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की युवा आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और यदि उन्हें सही दिशा में प्रशिक्षण दिया जाए तो राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को भी इन योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि वे शहरों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर न हों। इसके लिए मोबाइल प्रशिक्षण इकाइयों और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।सरकार ने यह भी बताया कि निजी कंपनियों और उद्योगों के साथ साझेदारी कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों को व्यवहारिक बनाया जा रहा है। कई उद्योगों ने प्रशिक्षित युवाओं को सीधे रोजगार देने में रुचि दिखाई है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उन्हें अपने भविष्य को लेकर नई उम्मीद मिल रही है।












