नई दिल्ली:– डेडली कॉम्बिनेशन है पुखराज-नीलम
रत्नशास्त्र की दुनिया में पुखराज और नीलम दोनों ही पावरफुल रत्नों में से एक माने जाते हैं। हालांकि इन्हें साथ में पहनना बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता है क्योंकि इससे कई नुकसान हो सकते हैं। जानिए कैसे?
पुखराज और नीलम की एनर्जी
रत्नशास्त्र के अनुसार पुखराज का संबंध गुरु से है। वहीं नीलम शनि ग्रह से संबंधित है। दोनों ही ग्रहों की एनर्जी एक-दूसरे से काफी अलग है। इसी वजह से ज्योतिषी इसे साथ में ना पहनने की सलाह देते हैं।
उलझता है मन
अगर किसी ने गलती से भी पुखराज और नीलम को एक साथ पहना तो मान्यता है कि इससे उस व्यक्ति को हर छोटी-छोटी बात पर भ्रम होने लगेगा। ऐसे में मन उलझेगा और कोई भी फैसला सही से नहीं लिया जा सकेगा।
काम में आ सकती है रुकावट
रत्नशास्त्र के अनुसार पुखराज और नीलम को साथ पहनने से जिंदगी में कई तरह की बाधाएं आ सकती है। नौकरी से लेकर बिजनेस और शादी जैसी चीजों में रुकावट पैदा हो सकती है। इसी वजह से इन्हें साथ में पहनने से बचना चाहिए।
बढ़ सकती है टेंशन
ऐसी भी मान्यता है कि पुखराज और नीलम को साथ में पहनने से टेंशन भी बढ़ सकती है। बैचेनी बढ़ सकती है और नींद से जुड़ी दिक्कतें भी शुरू हो सकती हैं।
रिश्तों में बढ़ेगा तनाव
रत्नशास्त्र के हिसाब से पुखराज और नीलम का कॉम्बिनेशन इतना खतरनाक है कि इससे रिश्तों पर बुरा असर पड़ सकता है। कपल्स के बीच गलतफहमी पैदा हो सकती है। इसी वजह से पुखराज के साथ नीलम पहनने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए।
ज्योतिषी की लें सलाह
आप चाहे पुखराज पहनें या फिर नीलम या कोई भी दूसरा रत्न, धारण करने से पहले जानकार ज्योतिषी की सलाह जरूर लें। डिस्क्लेमर- इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।








