नई दिल्ली:– नाबालिग से दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर खंडपीठ से तगड़ा झटका लगा है। जस्टिस योगेंद्र कुमार और जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ ने बुधवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नाबालिग से यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम की उम्र कैद की सजा बरकरार रखी है।
वहीं, कोर्ट ने मामले में संचिता और शरद को बरी कर दिया है। इसके पहले 20 अप्रैल को कोर्ट ने सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के आदेश के बाद अब अंतरिम जमानत पर चल रहे आसाराम को सरेंडर करना होगा।
आजीवन कारावास की सजा बरकरार
आसाराम बापू रेप केस पर पीड़िता के वकील पी.सी. सोलंकी ने मीडिया से बात की है। उन्होंने कहा, लंबी सुनवाई के बाद हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में संचिता और शरद को बरी कर दिया है। आसाराम की धारा 376D, 120B और 134 के तहत सजा को रद्द कर दिया गया है। कोर्ट के बाकी फैसलों को बरकरार रखा गया है।
अब उन्हें हाई कोर्ट के निर्देशानुसार, तुरंत प्रभाव से अपनी बाकी सजा काटने के लिए सरेंडर करना होगा। फैसले की पूरी लिखित कॉपी अभी जारी नहीं की गई है। इस मोड़ पर, जब तक फैसले की पूरी जानकारी सामने नहीं आ जाती, तब तक इस पर आगे कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
मेडिकल आधार पर मिली है अंतरिम जमानत
86 वर्षीय आसाराम ने अपनी बढ़ती उम्र और बिगड़ते स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बार-बार जमानत की गुहार लगाई थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों पर कार्रवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने उन्हें मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी, जिसे अदालत द्वारा समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा है।आसाराम की सजा निलंबित करने की याचिका पर सुरक्षित रखे गए फैसले के सुनाए जाने तक, जो भी पहले हो, तब तक लागू रहेगी।
उनकी पिछली अंतरिम जमानत की अवधि सोमवार को खत्म होने वाली थी। सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट देवदत्त कामत आसाराम की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए, जबकि एडवोकेट निशांत बोडा और यशपाल सिंह राजपुरोहित बेंच के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
क्या है पूरा मामला?
आसाराम को अगस्त 2013 में जोधपुर स्थित अपने आश्रम में नाबालिग छात्रा से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लंबे चले मुकदमे के बाद, जोधपुर की एक विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
एक अन्य मामले में, आसाराम को जनवरी 2023 में गुजरात के गांधीनगर स्थित अपने आश्रम में एक महिला भक्त के साथ बलात्कार के लिए भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।







