गौरेला पेंड्रा मरवाही: छत्तीसगढ़ पंचायत सचिव संघ के आह्वान पर जीपीएम जिले के 166 पंचायत सचिव, संघ के बेनर तले अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं. पंचायत सचिवों की मुख्य मांग शासकीयकरण है. इस हड़ताल की वजह से अब ग्राम पंचायतों के कामकाज भी प्रभावित हो रहे हैं.पंचायत सचिवों का हल्ला बोल: पंचायत सचिव उत्तरवति राठौर ने बताया कि शासकीयकरण की मांग मोदी की गारंटी में होने के बाद भी आज तक इस पर अमल नहीं हुआ. बजट में भी किसी प्रकार की कोई घोषणा नहीं हुई है. पिछले दिनों विधानसभा घेराव के बाद अब जनपद मुख्यालय में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर रहे हैं.
पंचायत सचिवों का कहना है कि 1 अप्रैल 2025 को मंत्रालय घेराव किया जाएगा.100 दिन के अंदर शासकीयकरण की गारंटी दी गई थी. 2024 में हुए सम्मान समारोह में भी सीएम ने आश्वासन दिया था. लेकिन कुछ नहीं हुआ. बजट में भी कोई घोषणा नहीं की गई है, इसलिए हड़ताल कर रहे हैं.- उत्तर वति राठौर, पंचायत सचिवशासकीयकरण ही प्रमुख मांग है. बजट में उम्मीद थी लेकिन निराशा मिली. यह अनिश्चितकालीन हड़ताल है.
संघर्ष जारी रहेगा-बजरंग कश्यप जिला उपाध्यक्ष, सचिव संघ, जीपीएमपंचायत सचिवों का कहना है कि जबतक मांग पूरी नहीं होती है, तबतक हड़ताल जारी रहेगी. वहीं सचिव संघ के जिला अध्यक्ष किशन राठौर ने बताया कि मार्च तक ब्लॉक स्तर पर धरना प्रदर्शन है. एक अप्रैल को मंत्रालय का घेराव किया जाएगा. पंचायत सचिवों की हड़ताल से छत्तीसगढ़ में कई काम काज प्रभावित हो सकते हैं. इस बात को सरकार भी समझती है. ऐसे में देखना होगा कि पंचायत सचिवों की मांग कब सरकार पूरा करती है.













