मध्य प्रदेश :– खंडवा में शनिवार को बड़ा विमान हादसा टल गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हेलिकॉप्टर उड़ान भरते समय अचानक हवा में लड़खड़ाने लगा। पंधाना में लाड़ली बहना योजना के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे सीएम उस वक्त बाल-बाल बच गए, जब टेकऑफ के दौरान हेलिकॉप्टर अनियंत्रित होकर पीछे की ओर जाने लगा। इस घटना का वीडियो रविवार को सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार्यक्रम खत्म होने के बाद जैसे ही सीएम का हेलिकॉप्टर जमीन से ऊपर उठा, वह आगे बढ़ने के बजाय पीछे की तरफ खिसकने लगा और कुछ पलों के लिए हवा में ही स्थिर हो गया। पायलट ने गजब की सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्थिति पर नियंत्रण पाया और कुछ ही सेकंड में सुरक्षित उड़ान भर ली। खंडवा एसपी मनोज कुमार राय ने स्पष्ट किया कि यह कोई तकनीकी खराबी नहीं थी। धूल अधिक उड़ने के कारण पायलट ने दृश्यता बनाए रखने के लिए गति धीमी की थी और दिशा बदलने के लिए हेलिकॉप्टर को स्थिर किया था।
पुणे हादसे की यादों ने बढ़ाई चिंता
वीआईपी मूवमेंट के दौरान हुई इस हलचल ने हाल में पुणे में हुई उस दुखद विमान दुर्घटना की यादें ताजा कर दीं, जिसमें दिग्गज नेता अजित पवार की असामयिक मौत हो गई थी। उस हादसे ने देशभर में राजनेताओं की सुरक्षा और विमानों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। पुणे की उस भयावह घटना के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि मोहन यादव के हेलिकॉप्टर के साथ हुई इस मामूली तकनीकी गड़बड़ ने भी प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए।
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
हालांकि खंडवा प्रशासन ने इसे एक सामान्य प्रक्रिया बताया है, लेकिन जिस तरह से हेलिकॉप्टर हवा में डगमगाया। उसने सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर बहस छेड़ दी है। गनीमत रही कि पायलट की सतर्कता से बड़ा हादसा नहीं हुआ। मुख्यमंत्री सुरक्षित भोपाल पहुंच गए। मगर, पुणे जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए अब राजनेताओं के हवाई दौरों में सुरक्षा और मौसम के मिजाज को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।













