नई दिल्ली: भारतीय तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को अप्रत्याशित लाभ मिल रहा है. क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण उनका मुनाफा बढ़ रहा है. हालांकि आमे लोग पेट्रोल और डीजल की कीमतों में पर्याप्त कटौती का इंतजार कर रहे हैं. पेट्रोल और डीजल की कीमत के अलावा खाद्य पदार्थों और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी घरों की जेबें खाली कर रही हैं.
आईसीआरए की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) जैसी सरकारी तेल दिग्गज कंपनियां पेट्रोल पर 15 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 12 रुपये प्रति लीटर का मुनाफा कमा रही हैं. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण यह उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है.
आईसीआरए ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में हाल ही में हुई कमी से भारतीय तेल विपणन कंपनियों के लिए ऑटो ईंधन की खुदरा बिक्री पर विपणन मार्जिन में सुधार हुआ है.
भारत में फ्यूल की कीमतें पिछले कुछ सालों से ऊंची बनी हुई हैं. कई राज्यों में पेट्रोल अभी भी 100 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा है और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा है. इन कीमतों का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है, जिसका असर परिवहन से लेकर विमानन तक के उद्योगों और यहाँ तक कि खाना पकाने जैसी रोज़मर्रा की जरूरतों पर भी पड़ता है.











