नई दिल्ली:- राज्य सरकार द्वारा सुखाग्रस्त घोषित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क से राहत देने के फैसले का सीधा असर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय की परीक्षा शुल्क आय पर पड़ने वाला है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने सुखाग्रस्त क्षेत्रों के विद्यार्थियों से आगामी परीक्षाओं के लिए परीक्षा शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए हैं।
इससे एक ओर जहां छात्रों को राहत मिलेगी, तो दूसरी ओर विवि की तिजोरी पर असर पड़ेगा। नागपुर विश्वविद्यालय के दायरे में नागपुर और वर्धा जिले के साथ गोंदिया जिले की तिरोड़ा तहसील सुखा प्रभावित क्षेत्र में शामिल है। इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस माफ होने से विश्वविद्यालय की परीक्षा शुल्क से होने वाली आय में कमी आने की संभावना है।
विद्यार्थियों की संख्या लगभग 50 हजार
विश्वविद्यालय में केवल प्रथम वर्ष में ही हर वर्ष करीब 2.50 लाख विद्यार्थी परीक्षाओं में शामिल होते हैं। परीक्षा शुल्क के माध्यम से विश्वविद्यालय को करीब 35 करोड़ रुपए की आय प्राप्त होती है। सुखा प्रभावित तहसीलों में विद्यार्थियों की संख्या लगभग 50 हजार मानी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यदि 50 हजार विद्यार्थियों को परीक्षा शुल्क माफी का लाभ मिलता है, तो प्रथम वर्ष के परीक्षार्थियों में इनकी हिस्सेदारी करीब 20 फीसदी बैठती है।
शुल्क माफी का लाभ
इसी अनुपात में परीक्षा शुल्क आय का अनुमान लगाया जाए तो विश्वविद्यालय की आय पर लगभग 7 करोड़ रुपए तक का सैद्धांतिक असर हो सकता है। हालांकि वास्तविक कमी शुल्क की श्रेणी, पाठ्यक्रम और पात्र विद्यार्थियों की संख्या पर निर्भर करेगी। नागपुर, वर्धा और गोंदिया जिलों को मिलाकर विश्वविद्यालय क्षेत्र में विद्यार्थियों की संख्या करीब 1.25 लाख बताई जा रही है। इनमें से सुखा घोषित तहसीलों में आने वाले किसान और खेत मजदूर के पाल्यों को ही शुल्क माफी का लाभ मिलेगा।
कॉलेजों के लिए जल्द ही अधिसूचना
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने इसी संदर्भ में राज्य के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों, प्र-उपकुलपतियों, कुलसचिवों और महाविद्यालयों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक की। इस पृष्ठभूमि में संबंधित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को राहत देने के लिए परीक्षा शुल्क माफी के संबंध में उच्च शिक्षा संचालनालय ने परिपत्र जारी किया है। इसके अनुसार नवंबर-दिसंबर में होने वाली प्रथम सत्र की परीक्षाओं के लिए पात्र विद्यार्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। अब विवि प्रशासन द्वारा जल्द ही महविद्यालयों के लिए अधिसूचना जारी की जाएगी।
ऐसा है आय का ज़रिया
प्रथम वर्ष के परीक्षार्थी करीब 2.50 लाख
सभी परीक्षा शुल्क से आय करीब 35 करोड़ रुपए
सुखा प्रभावित तहसीलों के विद्यार्थी करीब 50 हजार
विवि की तिजोरी पर असर 7 करोड़ के लगभग
विवि के दायरे में आने वाले जिले और तहसीलें
नागपुर – सभी 14 तहसीले
वर्धा वर्धा, सेलू, देवली, आर्वी, समुद्रपुर, हिंगनघाट
गोंदिया- तिरोड़ा
भंडारा-पवनी, लाखंदुर भंडारा










