नई दिल्ली:– पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इस बार पार्टी ने कुल 111 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है। इस लिस्ट को देखकर साफ लग रहा है कि पार्टी ने जीत के लिए पूरी जान झोंक दी है। लिस्ट में सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि नामी चेहरे, पूर्व सरकारी अधिकारी और बंगाली सिनेमा के सितारे भी शामिल हैं। बीजेपी का यह दांव बंगाल की सत्ता में सेंध लगाने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है।
बीजेपी की दूसरी लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व लोकसभा सांसद रूपा गांगुली और निशीथ प्रमाणिक जैसे बड़े नामों की हो रही है। रूपा गांगुली को सोनारपुर दक्षिण से पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है, जो वहां की राजनीति में एक बड़ा चेहरा मानी जाती हैं।
माथाभांगा सीट से मैदान में पूर्व केंद्रीय मंत्री
वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक को माथाभांगा सीट से चुनावी दंगल में उतारा गया है। इन चेहरों को उतारकर बीजेपी ने यह संदेश दे दिया है कि वह बंगाल के हर कोने में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है और टीएमसी को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है। दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में सिर्फ पुराने बीजेपी नेता ही नहीं, बल्कि हाल ही में दूसरी पार्टियों से आए चेहरों को भी जगह मिली है।
पूर्व टीएमसी नेता तापस रॉय को भी टिकट
पूर्व टीएमसी नेता तापस रॉय को मानिकतला से टिकट मिला है, तो वहीं बैरकपुर से कौस्तव बागची पर भरोसा जताया गया है। आईपीएस अधिकारी रहे डॉ. राजेश कुमार को जगतदल सीट से मैदान में उतारा गया है, जो बताता है कि पार्टी अनुभवी और पढ़े-लिखे चेहरों को आगे लाने की रणनीति पर काम कर रही है।
फिल्मी सितारे पर पार्टी का भरोसा
राजनीति से इतर से पार्टी ने फिल्मी सितारों पर भी भरोसा जताया है। टॉलीगंज सीट से अभिनेता पापिया अधिकारी को टिकट दिया गया है, जिससे वहां मुकाबला काफी दिलचस्प होने वाला है। इसके अलावा, बीजेपी की फायरब्रांड नेता प्रियंका तिबरेवाल को एंटाली से मैदान में उतारा गया है। प्रियंका हमेशा से अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए जानी जाती हैं। वहीं अर्जुन सिंह को नोआपारा से टिकट देकर पार्टी ने अपने पुराने गढ़ को बचाने की कोशिश की है।
विपक्षी खेमे में मची खलबली
बीजेपी की इस दूसरी लिस्ट ने बंगाल चुनाव के माहौल को और भी गरमा दिया है। एक तरफ जहां टीएमसी अपनी जीत का दावा कर रही है, वहीं बीजेपी के इन 111 नामों ने विपक्ष के खेमे में भी खलबली मचा दी है। लोगों के बीच अब बस यही चर्चा है कि क्या ये बड़े चेहरे और पूर्व आईपीएस अधिकारी बंगाल की जनता का दिल जीत पाएंगे? या फिर ममता बनर्जी का किला भेदन इतना आसान नहीं होगा?














