नई दिल्ली:– मौसम के बदलाव या गलत रख-रखाव के कारण कई बार तुलसी का पौधा का सूखने लगता है। ज्यादातर लोग पौधा सूखने पर उसे हटा देते हैं, लेकिन गार्डनिंग एक्सपर्ट्स की मानें तो इसे दोबारा हरा-भरा करना मुमकिन है। उन्होंने सरसों के बीज से फ्री की खाद बनाना और देखभाल करने का तरीका बताया है।
आसान घरेलू तरीकों के बारे में जानकर आप अपने सूखे हुए तुलसी के पौधे में नई जान फूंक सकते हैं। इसमें मिट्टी के सही मिश्रण से लेकर घर पर बनी ‘सरसों की खाद’ तक के उन खास नुस्खों का जिक्र है, जो मुरझाए हुए पौधे को भी फिर से हरा-भरा और घना बना देंगे।
किसी भी उपचार से पहले यह जानना जरूरी है कि पौधे में जान बची है या नहीं। इसके लिए पौधे की मुख्य टहनी को अपने नाखून से थोड़ा सा खुरच कर देखें। अगर खुरचने पर अंदर का हिस्सा हरा दिखाई देता है, तो समझ लीजिए कि पौधा अभी जिंदा है और उसे बचाया जा सकता है। लेकिन अगर टहनी अंदर से भी पूरी तरह भूरी और सूखी है, तो उसे ठीक करना लगभग असंभव होता है।
पौधे को बचाने के लिए उसकी सूखी टहनियों को काट कर हटा दें। इससे पौधे की ऊर्जा नई शाखाएं उगाने में लगेगी। एक्सपर्ट के अनुसार, तुलसी को नमी पसंद है, इसलिए इसके पत्तों और टहनियों पर रोजाना ताजे पानी का छिड़काव करें। इससे पौधे को ऐसा वातावरण मिलता है जैसा उसे प्राकृतिक रूप से पसंद है, जिससे नई कोपलें जल्दी आती हैं।
अगर पौधा काफी समय से एक ही मिट्टी में है, तो उसकी रिपोटिंग करना सबसे अच्छा है। नई मिट्टी तैयार करने के लिए 50% बगीचे की मिट्टी, 40% खाद और 10% धान के छिलके मिलाएं। धान के छिलके मिट्टी को हल्का रखते हैं और जड़ों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करते हैं। अगर रिपोटिंग नहीं कर रहे हैं, तो मिट्टी की ऊपरी परत की गुड़ाई जरूर करें।
तुलसी को बहुत तेज या बहुत कम धूप दोनों ही नुकसान पहुंचाते हैं। पौधे को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की 2 से 3 घंटे की ताजी धूप मिले। दोपहर की तेज धूप से इसे बचाएं। गमले की मिट्टी में हमेशा हल्की नमी होनी चाहिए, लेकिन ओवरवाटरिंग बिल्कुल नहीं होना चाहिए। गमले में पानी की निकासी की व्यवस्था हो ताकि जड़ें सड़ें नहीं।
तुलसी को दोबारा घना बनाने के लिए सरसों की खली का पाउडर काम आ सकता है। बड़े पौधे के लिए लगभग 2 चम्मच पाउडर मिट्टी में मिलाएं या इसे पानी में भिगोकर लिक्विड खाद की तरह दें। इसमें मौजूद पोषक तत्व पौधे की जड़ों को सक्रिय करते हैं और रुकी हुई ग्रोथ को तेजी से बढ़ाते हैं।
आप चाहें तो मार्केट से खरीदने के जगह घर पर ही फ्री में पीली या काली सरसों के बीज से खाद बना सकते हैं। सरसों को दरदरा पीस लें और इसे 2 दिन की धूप में सुखाएं ताकि नमी खत्म हो जाए। मिट्टी की गुड़ाई करके इस पाउडर को डालें। ध्यान रहे, सरसों की खाद तासीर में गर्म होती है, इसलिए इसे बहुत तेज गर्मी में न डालें और हर 20 से 25 दिन में ही दोहराएं।













