छत्तीसगढ़:– पढ़ाई, नौकरी, कारोबार या परिवार के साथ रहने के लिए अगर आप छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में किराए का मकान तलाश रहे हैं, तो सही घर ढूंढना कई बार आसान नहीं होता। बजट में अच्छा मकान मिलने के साथ लोकेशन, बाजार, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और ऑफिस से दूरी जैसी कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। इसके अलावा सिक्योरिटी डिपॉजिट, मेंटेनेंस और रेंट एग्रीमेंट जैसी चीजों की जानकारी भी पहले से होना जरूरी है।
रायपुर में ऑनलाइन प्रॉपर्टी वेबसाइट से लेकर स्थानीय ब्रोकर और सीधे मकान मालिक तक, किराए का घर खोजने के कई तरीके मौजूद हैं। अगर थोड़ी समझदारी से तलाश की जाए तो अपनी जरूरत और बजट के मुताबिक कमरा, 1BHK, 2BHK या बड़ा मकान खोजा जा सकता है।
सबसे पहले तय करें अपना बजट
किराए का मकान खोजने से पहले हर महीने घर पर कितना खर्च कर सकते हैं, इसका बजट तय कर लें। सिर्फ मासिक किराया देखकर घर फाइनल नहीं करना चाहिए। कई जगह किराए के अलावा मेंटेनेंस, बिजली, पानी, पार्किंग या दूसरी सुविधाओं के लिए अलग शुल्क देना पड़ सकता है।
मकान लेते समय यह भी पूछ लें कि कितने महीने का सिक्योरिटी डिपॉजिट देना होगा और घर छोड़ने पर उसकी वापसी किन शर्तों के आधार पर होगी।
ऑनलाइन ऐसे खोजें रायपुर में किराए का मकान
आज घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए रायपुर में किराए की प्रॉपर्टी खोजी जा सकती है। MagicBricks, 99acres, Housing.com और NoBroker जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर शहर और इलाके का नाम डालकर उपलब्ध लिस्टिंग देखी जा सकती हैं।
इन प्लेटफॉर्म पर बजट, BHK, फर्निश्ड या अनफर्निश्ड मकान और अन्य जरूरतों के हिसाब से फिल्टर लगाकर विकल्प खोजे जा सकते हैं। हालांकि किसी भी ऑनलाइन लिस्टिंग पर भरोसा करने से पहले मकान को स्वयं देखकर और मालिक या अधिकृत एजेंट की पहचान की पुष्टि करके ही आगे बढ़ना बेहतर है।
सोशल मीडिया पर भी मिल सकते हैं विकल्प
रायपुर के स्थानीय Facebook ग्रुप, Marketplace और अन्य सोशल मीडिया कम्युनिटी में भी किराए के कमरे और मकानों की जानकारी मिल सकती है। कई बार मकान मालिक सीधे पोस्ट डालते हैं, जिससे ब्रोकर के बिना भी बातचीत संभव हो सकती है।
लेकिन सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी का जोखिम भी रहता है। केवल फोटो या वीडियो देखकर एडवांस भुगतान न करें। पहले मकान देखें, व्यक्ति की पहचान और प्रॉपर्टी से उसके संबंध की पुष्टि करें और उसके बाद ही भुगतान पर विचार करें।
लोकल ब्रोकर की ले सकते हैं मदद
अगर ऑनलाइन घर नहीं मिल रहा है तो जिस इलाके में रहना चाहते हैं, वहां के स्थानीय प्रॉपर्टी ब्रोकर से संपर्क किया जा सकता है। स्थानीय ब्रोकर के पास कई ऐसी प्रॉपर्टी की जानकारी हो सकती है जो ऑनलाइन सूचीबद्ध नहीं होतीं।
ब्रोकर से बात करते समय उसकी फीस या कमीशन पहले ही स्पष्ट कर लें। साथ ही भुगतान की रसीद या उचित रिकॉर्ड जरूर रखें।
‘To-Let’ बोर्ड भी आ सकते हैं काम
रायपुर की कॉलोनियों और आवासीय क्षेत्रों में घूमकर भी किराए के मकान खोजे जा सकते हैं। कई मकान मालिक अपने घर के बाहर “To-Let” या “House For Rent” का बोर्ड लगाते हैं।
ऐसे मामलों में सीधे मकान मालिक से बात होने की संभावना रहती है। आसपास के दुकानदार, सोसायटी गार्ड या परिचित लोगों से भी खाली मकानों की जानकारी मिल सकती है।
रायपुर में किन इलाकों में खोज सकते हैं घर?
रायपुर में अलग-अलग बजट और जरूरत के अनुसार कई आवासीय इलाके मौजूद हैं। शंकर नगर, तेलीबांधा, अवंति विहार, मोवा, देवेंद्र नगर, डीडी नगर, भाठागांव, टाटीबंध समेत शहर के कई क्षेत्रों में किराए के मकानों के विकल्प तलाशे जा सकते हैं।
किसी इलाके को केवल नाम या लोकप्रियता के आधार पर चुनने के बजाय अपने ऑफिस, कॉलेज या रोजाना आने-जाने वाली जगह से दूरी जरूर देखें। इससे हर महीने आने-जाने में लगने वाला समय और खर्च कम किया जा सकता है।
ऑफिस या कॉलेज के पास घर लेने के फायदे
अगर आप नौकरी के लिए रायपुर आए हैं तो ऑफिस के आसपास या वहां तक आसानी से पहुंच वाले इलाके में मकान लेना सुविधाजनक हो सकता है। इसी तरह विद्यार्थियों के लिए कॉलेज या कोचिंग के पास कमरा, PG या साझा फ्लैट तलाशना बेहतर विकल्प हो सकता है।
मकान थोड़ा सस्ता होने के बावजूद अगर वह ऑफिस या कॉलेज से काफी दूर है तो रोजाना का परिवहन खर्च और समय बढ़ सकता है। इसलिए किराए के साथ यात्रा खर्च को भी बजट में शामिल करें।
घर देखने जाएं तो इन चीजों की जांच करें
मकान फाइनल करने से पहले घर को दिन के समय अच्छी तरह देखना बेहतर है। पानी की उपलब्धता, बिजली कनेक्शन, मोबाइल नेटवर्क, सीलन, दरवाजे-खिड़कियां और बाथरूम जैसी बुनियादी चीजों की जांच करें।
इसके साथ ही आसपास किराना दुकान, मेडिकल स्टोर, अस्पताल, सार्वजनिक परिवहन और अन्य जरूरी सुविधाएं कितनी दूर हैं, यह भी पता कर लें।
अगर आपके पास वाहन है तो पार्किंग की व्यवस्था और उससे संबंधित अतिरिक्त शुल्क की जानकारी भी जरूर लें।
फर्निश्ड या अनफर्निश्ड, क्या चुनें?
रायपुर में किराए पर मकान तलाशते समय आपको फर्निश्ड, सेमी-फर्निश्ड और अनफर्निश्ड विकल्प मिल सकते हैं। फर्निश्ड मकान में बेड, अलमारी या अन्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकती हैं, लेकिन इसका किराया अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकता है।
अगर आपके पास पहले से फर्नीचर और जरूरी सामान मौजूद है तो अनफर्निश्ड मकान बेहतर विकल्प हो सकता है। घर फाइनल करने से पहले उपलब्ध सामान की सूची और उसकी स्थिति दर्ज कर लेना उपयोगी रहता है।







