नई दिल्ली:– मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के रूप में राम नवमी का पावन पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में यह शुभ अवसर 27 मार्च को आएगा। इस दिन राम भक्त पूरे उत्साह और उमंग के साथ भगवान श्री राम का जन्मोत्सव मनाते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राम नवमी से पहले घर में कुछ वास्तु उपाय करना बेहद शुभ माना जाता है, जिससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आइए जानते हैं इस दिन किए जाने वाले कुछ खास उपाय
राम नवमी पर कौन-सा करें वास्तु उपाय
ईशान कोण की सफाई: राम नवमी के शुभ अवसर पर घर के उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण कोने को साफ-सुथरा रखें, क्योंकि यह देवताओं का स्थान है।
जल कलश की स्थापना: घर के पूजा स्थल या उत्तर-पूर्व में तांबे या चांदी के कलश में जल भरकर रखें।
मुख्य द्वार सजाएं: सुबह स्नान के बाद आम या अशोक के पत्तों का तोरण मुख्य द्वार पर लगाएं, इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
राम दरबार की स्थापना: पूजा घर में राम दरबार (भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी) की तस्वीर या मूर्ति पूर्व दिशा में लगाएं, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
केसरिया ध्वज: घर की छत पर उत्तर-पश्चिम दिशा में ‘जय श्री राम’ लिखा केसरिया ध्वज लगाने से मान-सम्मान बढ़ता है।
तुलसी की पूजा: तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाएं और 11 बार परिक्रमा करें, इससे धन-धान्य की कमी नहीं होती।
श्रीरामचरितमानस का पाठ: इस दिन रामचरितमानस के बालकांड या सुंदरकांड का पाठ करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
राम नवमी का पर्व आध्यात्मिक महत्व
हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के सातवें अवतार, भगवान श्री राम के जन्मदिवस के रूप में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई, धर्म की अधर्म पर विजय और मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्शों (सत्य, त्याग, प्रेम) का प्रतीक है, जो जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाकर सुख-समृद्धि लाने का संदेश देता है।












