*मध्यप्रदेश:-* आश्विन मास की पूर्णिमा के दौरान 30 साल बाद एक विशेष संयोग बना रहा है. इस दिन चंद्रग्रहण लग रहा है, जो शरद पूर्णिमा के दिन लगेगा और ऐसा 30 साल बाद होगा. साल 2023 में लगने वाले चार ग्रहण में से पूर्णिमा की तिथि पर लगने वाला यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, जिसका सूतक काल भी मान्य होगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण का प्रभाव दुनिया समेत सभी राशि के लोगों पर पड़ता है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार चंद्रग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को बेहद सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियां हावी होने लगती हैं, जिसकी वजह से गर्भवती महिलाओं और उनके शिशु पर अशुभ प्रभाव पड़ता है. इसे लेकर ही, ग्रहण के समय कई सारे नियम बनाए गए हैं. उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण मध्य रात्रि के 12:05 से लेकर 2:25 तक रहेगा जो भारत में दृश्यमान होगा। किसी भी गर्भवती महिला को चंद्र ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और चांद को नहीं देखना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दौरान घर के अंदर उस जगह पर बैठना चाहिए, जहां चांद की किरणें भी नहीं पहुंचे और ना ही प्रकाश होना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना चाहिए, और पूजा पाठ मन में ही करना चाहिए, मंदिरों में नहीं जाना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान किसी भी व्यक्ति को भगवान की मूर्ति छूने से परहेज करना चाहिए. भगवान का नाम केवल मन में ही लेना चाहिए। ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला के पास एक नारियल रखना चाहिए. माना जाता है कि नारियल रखने से सभी प्रकार के दोष कट जाते हैं. ग्रहण के बाद उसे किसी नदी में विसर्जित करना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान सुई धागा से लेकर हथियार तक का प्रयोग गर्भवती महिलाओं को नहीं करना चाहिए. ग्रहण के दौरान कपड़े सिलने की भी मनाही होती है। चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को उठने बैठने में सावधानी बरतनी चाहिए. इतना ही नहीं ग्रहण लगने के दौरान उन्हें भोजन खाने से भी परहेज करना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान जिस कमरे में गर्भवती महिला हो वहां एक लोटा जल रख देना चाहिए. जिससे ग्रहण का प्रभाव कम हो जाता है. बाद में, जल को किसी पौधे की जड़ या किसी शुद्ध स्थान पर फेंकना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला के शरीर के बराबर धागा माप कर रख देना चाहिए. बाद में उस धागे को किसी पेड़ में बांध देना चाहिए। चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिला को कमरे में टहलते रहना चाहिए, उन्हें सोने की मनाही है. इन सब बातों का ध्यान रखकर गर्भवती महिलाएं चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से बच सकती हैं।











