नई दिल्ली : हिंदू धर्म में हर माह की अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। यह तिथि पितरों के तर्पण और दान-पुण्य के लिए बहुत ही शुभ तिथि मानी जाती है। हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है क्योंकि इस तिथि पर न्याय और कर्म के देवता शनि की जयंती मनाई जाती है। इसके अलावा ज्येष्ठ अमावस्या तिथि पर पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए वट सावित्री का व्रत रखा जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि पर शनिदेव का जन्म हुआ था। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को कर्म का देवता माना जाता है। शनि जयंती पर भगवान शनि की पूजा-अर्चना करने पर व्यक्ति के कष्टों में कमी आती है। शनि जयंती के अवसर पर आप भी अपने मित्रों और परिजनों को शनिदेव से जुड़े भक्तिमय संदेश अपनों भेज सकते हैं।
जय-जय श्री शनिदेव प्रभु, सुनहु विनय महराज।
करहुं कृपा हे रवि तनय, राखहु जन की लाज।
शनि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।
ऊँ शं शनैश्चाराय नमः
शनि जयंती की शुभकामनाएं।
शनि देव हमेशा आपको सही मार्ग पर चलने के लिए मार्गदर्शन करें
और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करें।
शनि जयंती की शुभकामनाएं।
न्याय के देवता
कर्म फलदाता भगवान शनिदेव जी
की जयंती की आप सबको शुभकामनाएं।
हे शनि देव तेरी जय जय कार
नीलवर्ण की छवि तुम्हारी, ग्रह मंडल के तुम बलिहारी
तेरे चरण में शरणागत है देवलोक और संसार।
शनि जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं।
जोड़े हाथ हम खड़े हैं बनके भिखारी,
दया करो हे शनिदेव आए हम शरण तिहारी,
तुमको सब कहते हैं नौ ग्रहों में दंडनायक,
क्योंकि तुम हो कर्मों के फलदाता
शनि जयंती की बधाई।







